अतीक अहमद को 9 तो उसके भाई अशरफ को मारी गई 5 गोलियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए और भी कई खुलासे

मिली जानकारी के अनुसार, ताबड़तोड़ फायरिंग में अतीक अहमद को 9 गोलियां लगी थीं, जबकि उसके भाई अशरफ को 5 गोलियों ने छलनी किया था। गोलियां लगने के बाद दोनों के शरीर के गंभीर हिस्से घायल हो गए, जिससे उनकी तुरंत मौके पर ही मौत हो गई। रविवार दोपहर बाद चार डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए अतीक और अशरफ के पोस्टमार्टम से यह बात सामने आई

अपडेटेड Apr 17, 2023 पर 1:03 PM
अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ अहमद (Ashraf Ahmed) के शवों को रविवार रात यहां के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया

प्रयागराज (Prayagraj Murder Case) में 15 अप्रैल की शाम तीन हमलावरों की ताबड़तोड़ गोलियों का शिकार हुए माफिया से राजनेता पूर्व सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ अहमद (Ashraf Ahmed) के शवों को रविवार रात यहां के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद अतीक और अशरफ के शव शाम करीब साढ़े छह बजे कब्रिस्तान लाए गए। उन्होंने बताया कि रीति रिवाजों के बाद दोनों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस बीच, दोनों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, ताबड़तोड़ फायरिंग में अतीक को 9 गोलियां लगी थीं, जबकि उसके भाई अशरफ को 5 गोलियों ने छलनी किया था। गोलियां लगने के बाद दोनों के शरीर के गंभीर हिस्से घायल हो गए, जिससे उनकी तुरंत मौके पर ही मौत हो गई। रविवार दोपहर बाद चार डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए अतीक और अशरफ के पोस्टमार्टम से यह बात सामने आई कि ताबड़तोड़ फायरिंग में अतीक के शरीर में कुल 9 गोलियां लगी थीं।

दोनों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, 60 वर्षीय अतीक के सिर में तीन और गर्दन, पेट और कमर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में छह गोलियां लगी थीं। पूर्व BSP नेता के शरीर में सात गोलियां लगीं, जबकि दो अंदर फंसी मिलीं। वहीं, अशरफ को 5 गोलियां लगी हैं। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अ


शरफ के चेहरे पर एक और शरीर के अन्य हिस्सों में चार गोलियां लगीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोलियां दोनों भाइयों के शरीर के गंभीर हिस्सों में लगीं, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई। फोरेंसिक टीम के अनुसार, जहां दोनों को गोली मारी गई थी, वहां से कुल 20 खाली कारतूस मिले हैं।

प्रयागराज में दोनों की हत्या

बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ की 15 अप्रैल को देर रात पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण कराकर वापस ले जाए जाते वक्त तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी थी। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक राजू पाल की हत्या मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो पुलिस सुरक्षा गार्ड की 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

उमेश पाल की पत्नी जया पाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर 25 फरवरी को अतीक, अशरफ, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, असद सहित दो बेटों, शूटर गुड्डू मुस्लिम और गुलाम तथा नौ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम 2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक और अशरफ को एक अदालत में पेश करने के लिए गुजरात के अहमदाबाद में उच्च सुरक्षा वाली साबरमती केंद्रीय जेल से 26 मार्च को प्रयागराज ले आई थी।

अदालत ने 28 मार्च को अपहरण मामले में अतीक और दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलिस ने कहा कि अतीक पर उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

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अतीक ने सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उसने अपनी याचिका में दावा किया था कि उसे और उसके परिवार को उमेश पाल हत्याकांड में झूठा फंसाया गया है। अतीक ने आशंका जताई थी कि उत्तर प्रदेश पुलिस उसे फर्जी एनकाउंटर में मार सकती है।

जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित

पुलिस हिरासत में हमलावरों की गोलियों से मारे गए अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस अरविंद कुमार त्रिपाठी (द्वितीय) की अगुवाई में एक न्यायिक आयोग गठित किया गया है। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट में पुलिस ने दावा किया है कि तीनों हमलावरों ने अपने इकबालिया बयान में कहा है कि वे अतीक और अशरफ गैंग का सफाया कर राज्य में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। बहरहाल, तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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