बिहार (Bihar) का रसदार और सुगंधित 'लंगड़ा आम' (Langara aam) और GI टैग वाली 'शाही लीची' (Shahi Litchi) जल्द ही मॉरीशस, न्यूजीलैंड, बहरीन और कतर के बाजारों में की रौनक बढ़ाते नजर आएंगे। PTI ने एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के रीजनल अधिकारी सीबी सिंह के हवाले से बताया, "बिहार फल एवं सब्जी विकास निगम (BFVDC) के सहयोग से APEDA जल्द ही मॉरीशस, न्यूजीलैंड, बहरीन और कतर को काफी मात्रा में लंगड़ा आम और शाही लीची के सैंपल शिपमेंट भेजेगा।"
सिंह ने आगे कहा, "सैंपल शिपमेंट भेजने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लिस्ट में ये देश इस साल नए जोड़े गए हैं। पिछले साल, APEDA ने कई यूरोपीय और खाड़ी देशों में भागलपुर और शाही लीची के GI-टैग जरदालु आम के सैंपल शिपमेंट भेजे थे।"
सिंह ने कहा कि शाही लीची की पहली खेप को बहरीन और कतर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह पहली बार है जब बिहार की लीची बहरीन और कतर भेजी जा रही है। लंगड़ा आम के सैंपल शिपमेंट भी बहुत जल्द भेजे जाएंगे।
BFVDC के MD नंद किशोर ने भी सीबी सिंह के बयान को दोहराया है। किशोर ने कहा, "हां, APEDA के सहयोग से BFVDC बिहार के लंगड़ा आम और शाही लीची के सैंपल शिपमेंट को मॉरीशस, न्यूजीलैंड, बहरीन और कतर के विदेशी बाजारों में भेजने की योजना को अंतिम रूप दे रहा है।"
उन्होंने कहा, "ये नए देश हैं जहां इस साल हमारे लोकप्रिय फल पहुंचेंगे। बिहार सरकार की कोशिश है कि सफल उद्यमी बनें। BFVDC और APEDA का प्रयास बिहार से फलों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने की संभावनाओं बढ़ाया जाए। इसके लिए किसान-व्यापारी की सीधी बातचीत को बढ़ावा दिया जाना चाहिए है।"
उन्होंने कहा कि भागलपुर के 'शाही लीची' और 'जरदालु आम' अपनी अनूठी सुगंध और मांग के कारण दुनिया में पहले से ही फैमस हैं। बिहार के 'लंगड़ा आम' और 'शाही लीची' को विदेशी बाजारों में बढ़ावा देने के लिए APEDA ने बिहार के किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के साथ अंतरराष्ट्रीय फल एक्पोर्टर और इंपोर्टर की एक वर्चुअल बैठक की।
जैसे महाराष्ट्र से अल्फांसो आम, गुजरात का केसर, आंध्र प्रदेश से बनगनपल्ली और उत्तर प्रदेश बनारसी लंगड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचे जाते हैं, वैसे ही APEDA बिहार के लंगड़ा आम और शाही लीची को बढ़ावा देना चाहता है।