PM Modi Brics Summit: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने जोहान्सबर्ग पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के ग्रोथ इंजन बनेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत ने आपदा और कठिन समय को आर्थिक सुधारों में बदल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में, मिशन मोड में किए गए कामों के चलते भारत में व्यापार करने में आसानी हुई है। हमने पब्लिक सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन और सुशासन पर फोकस किया है। आज भारत में UPI का इस्तेमाल सभी स्तरों पर किया जाता है। आज दुनिया के सभी देशों में, भारत सबसे ज्यादा डिजिटल लेनदेन वाला देश है।
भारत के पास है दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत में 100 से भी ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "2009 में, जब पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था, तब दुनिया एक बड़े आर्थिक संकट से बाहर आ रही थी। उस समय ब्रिक्स विश्व अर्थव्यवस्था के लिए आशा की किरण बनकर उभरा था। पीएम ने कहा कि भारत में जीएसटी और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड लागू होने के बाद निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र प्राइवेट सेक्टर्स के लिए खोले गए हैं। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ हमने वित्तीय समावेशन में एक छलांग लगाई है। आज, सड़क विक्रेताओं से लेकर शॉपिंग मॉल तक यूपीआई का उपयोग किया जा रहा है। हम भारत को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। जल्द ही, भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
मंगलवाल की सुबह रवाना हुए थे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के वास्ते मंगलवार सुबह दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग के लिए रवाना हुए। दक्षिण अफ्रीका रवाना होने से पहले उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन सदस्य देशों को भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने और संस्थागत विकास का जायजा लेने का उपयोगी अवसर प्रदान करेगा। रवानगी से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश विभिन्न क्षेत्रों में एक मजबूत सहयोग एजेंडा अपना रहे हैं।
पीएम मोदी ने अपने एक बयान में कहा, "हम मानते हैं कि ब्रिक्स विकास संबंधी अनिवार्यताओं और बहुपक्षीय सिस्टम में सुधार सहित पूरे 'ग्लोबल साउथ' के लिए चिंता का सबब बने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श करने का मंच बन गया है।" पीएम मोदी ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स देशों को भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने और संस्थागत विकास का जायजा लेने का उपयोगी अवसर प्रदान करेगा।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, "जोहानिसबर्ग में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका रवाना हो रहा हूं। मैं 'ब्रिक्स-अफ्रीका आउटरीच' और 'ब्रिक्स प्लस डायलॉग' कार्यक्रमों में भी शामिल होऊंगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए चिंता का सबब बने विभिन्न मुद्दों और विकास के अन्य क्षेत्रों पर चर्चा करने के वास्ते मंच प्रदान करेगा।"
पीएम मोदी ने कहा कि वह कई अतिथि देशों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं, जिन्हें इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं जोहानिसबर्ग में मौजूद कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने को लेकर भी उत्सुक हूं।