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Buldhana Accident: क्या नींद ने ले ली बुलढाणा में 26 लोगों की जान? डेटा पर डालें एक नजर, जानें दुर्घटना का कारण

Buldhana Accident: हाईवे पर लंबी, निर्बाध ड्राइव के कारण मोटर ड्राइवर सो जाते हैं। नींद तब आती है, जब ड्राइवर बिना किसी ब्रेक के और स्मूथ रास्ते के कारण लगातार घंटों तक गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में ड्राइवर को नींद आ जाती है। एक अधिकारी ने बताया, ये स्मूथ, खाली हाईवे पर होता है। आंखें खुली होने के बावजूद ड्राइवर को ऐसा महसूस हो सकता है, जैसे वह सो रहा है। समृद्धि महामार्ग पर, सड़कों के किनारे या होटल/ढाबों पर कोई होर्डिंग्स या बिलबोर्ड नहीं हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 01, 2023 पर 4:46 PM
Buldhana Accident: क्या नींद ने ले ली बुलढाणा में 26 लोगों की जान? डेटा पर डालें एक नजर, जानें दुर्घटना का कारण
Buldhana Accident: क्या नींद ने ले ली बुलढाणा में 26 लोगों की जान?

महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Mahamarg) पर कई दुर्घटनाओं की जांच करने का फैसला किया। इस बीच सामने आया है कि सड़क हादसों की मुख्य वजह ड्राइवर को नींद आना हो सकता है, जिस पर राज्य सरकार को ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। News18 ने अधिकारियों के हवाले कहा कि हाईवे पर लंबी, निर्बाध ड्राइव के कारण मोटर ड्राइवर सो जाते हैं। नींद तब आती है, जब ड्राइवर बिना किसी ब्रेक के और स्मूथ रास्ते के कारण लगातार घंटों तक गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में ड्राइवर को नींद आ जाती है।

एक अधिकारी ने बताया, “ये स्मूथ, खाली हाईवे पर होता है। आंखें खुली होने के बावजूद ड्राइवर को ऐसा महसूस हो सकता है, जैसे वह सो रहा है। समृद्धि महामार्ग पर, सड़कों के किनारे या होटल/ढाबों पर कोई होर्डिंग्स या बिलबोर्ड नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि बुलढाणा बस दुर्घटना के मामले में भी ये शक है कि ड्राइवर को नींद का अनुभव हुआ।

इस साल अप्रैल में, महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस ने हर आधे घंटे की दूरी पर पीले और सफेद रंग के झंडे लगाने का वादा किया था, जबकि ड्राइवर का ध्यान आकर्षित करने और उनके दिमाग को व्यस्त रखने के लिए रिफ्लेक्टर लगाने की योजना बनाई गई थी।

News18 ने स्टेट हाईवे डेटा तक पहुंच बनाई, जिसमें दिखाया गया कि दिसंबर 2022 और अप्रैल 2023 के बीच समृद्धि महामार्ग पर 358 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें से 39 लोग मारे गए, 143 गंभीर रूप से घायल हो गए और 236 लोगों को मामूली चोटें आईं।

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