Canada Immigration for Indians: कनाडा और भारत के बीच चल रहे राजनयिक विवाद के बीच कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने कहा कि कनाडा आने के इच्छुक भारतीयों का वीजा प्रोसेस फिलहाल स्लो रहेगा। कनाडा ने भारत में अपने डिप्लोमैट्स की संख्या को कम कर दी है जिसके कारण भारतीयो को कनाडा का वीजा लेने में दिक्कतें आ सकती है। डिप्लोमैट्स की संख्या कम होने से वीजा प्रोसेस स्लो रहने वाला है। भारत के साथ राजनयिक विवाद के बीच कनाडा ने भारत के चंडीगढ़, मुंबई और कर्नाटक में कॉन्सुलेट सर्विसेज पर रोक लगा दी है।
कनाडा ने वापिस बुलाए डिप्लोमैट्स
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर दोनों देशों के बीच राजनयिक मतभेद के बीच उसने भारत से 41 राजनयिकों (Diplomats) को वापस बुला लिया है। विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा, ‘फिलहाल, मैं कंफर्म करती हूं कि भारत ने 20 अक्टूबर तक दिल्ली में 21 कनाडाई डिप्लोमैट्स और आश्रितों को छोड़कर सभी के लिए अनैतिक रूप से राजनयिक इम्यूनिटी को हटाने की अपनी योजना औपचारिक रूप से बता दी है।’
दुतावासों की सर्विस पर असर पड़ेगा
विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि भारत में कनाडा के 62 राजनयिकों में से 41 को उनके आश्रितों (Dependents) के साथ हटा लिया गया है। जोली ने कहा कि 21 कनाडाई राजनयिक (Diplomats) भारत में रहेंगे। इसके बाद राजनयिक इम्युनिटी खत्म होने की बात कही गई थी। ऐसे में उन डिप्लोमैट्स की सुरक्षा को खतरा था। इस वजह से उन्हें भारत से वापस बुला लिया गया है। जोली ने कहा कि इससे दोनों देशों में दूतावासों की सर्विस पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़, मुंबई और बैंगलुरु के कॉन्सुलेट में सभी सर्विस पर रोक लगानी पड़ी है। जोली ने कहा कि भारत के फैसले से दोनों देशों के नागरिकों की सर्विस पर असर पड़ेगा।
दोनों देशों के संबंधों पर इस कारण पड़ा असर
पिछले महीने प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो भारत सरकार पर कनाडा की धरती पर निज्जर की हत्या का संबंध होने का आरोप लगाने के बाद भारत-कनाडा संबंधों में असर दिखाई दिया। इन आरोपों का सरकार ने खंडन किया है। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ा है।