Delhi Chhath Puja Row: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार (6 नवंबर) को यमुना नदी के तटों पर श्रद्धालुओं को छठ पूजा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि नदी का पानी बहुत ही ज्यादा प्रदूषित है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि नदी में जहरीले झाग हैं। यमुना नदी के तट पर पूजा करने की अनुमति मांगने के लिए अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिसमें इस अनुष्ठान पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। हालांकि, अदालत ने कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने नदी में पानी के गंभीर प्रदूषण का हवाला दिया।
अदालत ने कहा कि नदी का पानी बहुत ही प्रदूषित है। इसमें लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने छठ पूजा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए शहर में 1,000 अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त प्रबंध किए हैं। आखिरी क्षणों में और कुछ नहीं किया जा सकता। छठ पर्व की शुरुआत से एक दिन पहले अदालत ने यह फैसला सुनया है।
चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गडेला की पीठ ने कहा, "कृपया समझने की कोशिश कीजिए, आप बीमार पड़ जाएंगे। हम आपको (श्रद्धालुओं) पानी में जाने की अनुमति नहीं दे सकते। यह बेहद प्रदूषित है। यह बहुत बड़ा काम है, इसे अभी नहीं किया जा सकता। हम एक दिन में यमुना को साफ नहीं कर सकते ।"
पीटीआई के मुताबिक, अदालत पूर्वांचल नव निर्माण संस्थान की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें यमुना नदी के किनारे छठ पूजा समारोह पर दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। यमुना नदी में कालिंदी कुंज समेत कई जगहों पर जहरीले झाग दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं ने प्रदूषित यमुना में किया स्नान
मंगलवार (5 नवंबर) को छठ पूजा के पहले दिन श्रद्धालुओं ने यमुना नदी की सतह पर जहरीले झाग की मोटी परतों के बावजूद इसमें स्नान किया। कालिंदी कुंज क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने प्रदूषित नदी में स्नान किया, जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चिंताएं उत्पन्न हो गईं। छठ सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है। इसे चार दिनों की कठोर दिनचर्या के साथ मनाया जाता है। पहला दिन, जिसे "नहाय-खाय" के नाम से जाना जाता है, एक शुद्धिकरण अनुष्ठान है जहां भक्त स्नान करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, और "चना दाल" और "कद्दू भात" जैसा प्रसाद तैयार करते हैं।
जहरीले झाग की मौजूदगी यमुना में प्रदूषण के कारण उत्पन्न चुनौतियों को उजागर करती है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ जाती हैं। राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा के लिए घाटों की तैयारी को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी बीजेपी के बीच कई दिनों से राजनीतिक लड़ाई चल रही है।
दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के लिए छठ पूजा एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के भोजपुरी भाषी निवासी शामिल हैं। यह समुदाय दिल्ली में मतदाताओं के 30-40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। दिल्ली सरकार ने भी छठ पूजा के उपलक्ष्य में 7 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।