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Chhattisgarh: इस जिले की हजारों महिलाएं ऑनलाइन बेच रही हैं गाय के गोबर से बने प्रोडक्ट्स

ये महिलाएं सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जुड़ी हैं और खाद, गोबर के उपले, दीय और फूलदान जैसे प्रोडक्ट्स बनाती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 14, 2021 पर 4:00 PM
Chhattisgarh: इस जिले की हजारों महिलाएं ऑनलाइन बेच रही हैं गाय के गोबर से बने प्रोडक्ट्स

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हजारों महिलाएं गाय के गोबर (Cow dungs) से प्रोडक्ट्स बना रही हैं और उसकी ऑनलाइन बिक्री (Online Sale) हो रही है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य की गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojna) के तहत प्रोत्साहन मिला है, ताकि उनके बनाए गए प्रोडक्ट्स ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (e-commerce platforms) के जरिए व्यापक बाजार तक पहुंचें।

राजनांदगांव जिले की महिलाएं सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जुड़ी हैं और खाद, गोबर के उपले (ईंधन में इस्तेमाल के लिए), दीये (दीपक) और फूलदान जैसे प्रोडक्ट्स बनाती हैं।

राजनांदगांव के जिला अधिकारी तरण प्रकाश सिन्हा ने कहा, "गोधन न्याय योजना राज्य सरकार की प्रमुख योजना है। हमारे जिले में 358 गौठान स्थापित किए गए हैं। इससे लगभग ₹1.5 करोड़ कमाए, जिसमें से 40 प्रतिशत प्रॉफिट महिलाओं में बांटा गया।"

सिन्हा ने कहा कि राजनांदगांव राज्य का पहला जिला बन गया है, जहां गाय के गोबर से बने प्रोडक्ट्स Amazon जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों ने गोबर उत्पादों में काफी रुचि दिखाई है।

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में, सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अब तक 5 करोड़ रुपए के गोबर के प्रोडक्ट्स बेचे हैं। उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पहले शुरू हुई ऑनलाइन सेल में अब तक 1 लाख रुपए के प्रोडक्ट्स बिक चुके हैं।

सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य मुस्कान वर्मा ने कहा, "हमारे ग्रुप में 30 महिलाएं हैं। इन उत्पादों को बेचकर हम में से हर एक हर महीने लगभग ₹ 8,000 कमाते हैं। लेकिन जुलाई 2021 से हम अपने उत्पादों को ऑनलाइन भी बेच रहे हैं।"

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