Coromandel Train Accident: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार दोपहर ओडिशा (Odisha) में हुई भीषण रेल हादसे (Train Accident) वाली जगह पहुंचे। PM मोदी ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान के साथ रेल दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। मोदी भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बालासोर पहुंचे थे। अब तक के इस सबसे बड़े रेल हादसे में 261 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 1000 लोग घायल हैं। घटना स्थल के बाद प्रधानमंत्री अस्पताल भी जाएंगे, जहां वे घायलों से मिलेंगे।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को हुए भीषण ट्रेन हादसे के कारण जमीन में धंस गए एक डिब्बे को शनिवार को क्रेन और बुलडोजर की मदद से ऊपर लाने की कोशिश की गई। ये आखिरी डिब्बा है, जिस तक बचावकर्ता अभी तक पहुंच नहीं पाए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन का यह डिब्बा एक अन्य ट्रेन के डिब्बे के उसके ऊपर गिरने के कारण धंस गया है और उसे निकाले जाने के बाद मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है।
भारतीय रेलवे ने इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
ओडिशा के मुख्य सचिव पी के जेना ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘(बचाव कार्य के लिए) केवल एक डिब्बा बचा है, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा मोचन कार्य बल (ओडीआरएएफ) और दमकल सेवा अब भी डिब्बे को काटने और हताहतों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा में हुई ट्रेन दुर्घटना के संबंध में स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को एक बैठक की। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि मोदी ओडिशा के बालासोर में ट्रेन दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। वह कटक के उस अस्पताल का भी दौरा करेंगे, जहां घायलों का उपचार जारी है।
ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बचाव अभियान जारी है और एक डिब्बा बचावकर्मियों के लिए चुनौती बना हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, मृतक संख्या 261 है और 1,000 लोग घायल हुए हैं।
दक्षिण पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता आदित्य चौधरी ने शनिवार को कहा, ‘‘बालासोर रेल हादसे में मृतक संख्या बढ़कर 261 हो गई है।’’
अन्य अधिकारियों ने बताया कि केवल आखिरी यात्री डिब्बे में काम बचा है और इसके अलावा मलबा हटाया जाना और पटरियों को खाली किया जाना भी बाकी है।
भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि 1,200 कर्मियों के अलावा 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 सचल स्वास्थ्य इकाइयां दुर्घटनास्थल पर काम कर रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बाहर निकालने के लिए चिकित्सकीय दलों के साथ दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण में बालासोर जिले के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब सात बजे हुआ यह हादसा भारतीय रेल इतिहास का अब तक का चौथा सबसे भीषण हादसा है। रेल मंत्रालय ने इस दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
ये दुर्घटना शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुई, शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस के 10 से 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। जानकारी के मुताबिक, कोरोमंडल एक्सप्रेस पहले लूप लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकराई और फिर उसके डिब्बे दूसरे ट्रैक पर गिर, जिसके बाद उल्टी दिशा से आ रही बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बों से टकरा गई और उसके भी 3-4 डिब्बे पटरी से उतर गए।