दिसंबर 2017 में दिल्ली में श्रीलंका का टेस्ट मैच हो रहा था। ऐसे में दिल्ली के प्रदूषण की वजह से खिलाड़ियों को असहज महसूस होने लगा। सीरीज के तीसरे टेस्ट के दूसरे ही दिन पॉल्यूशन WHO की लिमिट से 15 गुना ज्यादा हो गया। लंका के खिलाड़ियों की हालत खराब हो गई। क्रिकेटर्स को लगातार उल्टियां हो रही थीं। खेल को 20 मिनट को लिए रोक दिया गया। डॉक्टर्स से मिलने के बाद लंच से लौटकर सभी खिलाड़ियों ने चेहरे पर मास्क लगाए थे। लंकाई कोच के मुताबिक खिलाड़ियों के चेंजिंग रूम में ऑक्सीजन सिलेंडर रखे गए थे।
प्रदूषण की समस्या है पुरानी
जहां लंकाई खिलाड़ियों के जाने से दिल्ली के स्टेडियम में पहुंचे दर्शक काफी निराश हुए वहीं BCCI के प्रेसिडेंट ने कुछ ऐसा कह दिया जिससे सभी काफी परेशान हुए। 'जब इंडियन टीम और मैच देखने आए 20000 लोगों को कोई दिक्कत नहीं है मुझे हैरानी है कि श्रीलंकाई टीम क्यों इतना इश्यू बना रहे हैं।' श्री लंकाई खिलाड़ी अक्सर भारत के खिलाफ काफी निराशाजनक तरीके से खेलते हैं। 2017 में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को भारतीय खिलाड़ियों से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अपनी अब तक की खराब परफॉर्मेंसेस को लेकर प्रदूषण को टीम ने जिम्मेदार नहीं ठहराया है। वहीं भारत की मेजर सिटीज में प्रदूषण का स्तर काफी बेकार चल रहा है।
मुंबई का AQI 155 रहा जो सेहत के लिए काफी हानिकारक है। वहीं श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में AQI 41 रहा। दिल्ली का AQI पूरी दुनिया में से अब सबसे खराब स्थिति में है। शुक्रवार को दिल्ली का AQI 500 से भी ऊपर चला गया था। वहीं दुनिया भर की सब बड़ी सिटीज का AQI भी इससे काफी कम रहा। मेलबर्न का AQI 13, एमेस्टरडैम का 25, लंदन का 29 और जोहांसबर्ग का 32 रहा।
बाहर खेले जाने वाले किसी भी स्पोर्ट के लिए एयर क्वालिटी बहुत मायने रखती है। मुंबई और दिल्ली में अक्टूबर का महीना काफी ह्यूमिड रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने साउथ अफ्रीका से 229 रनों से हारने के बाद रिपोर्टर्स को बताया कि वो पहले कभी भी ऐसी स्थिति में नहीं खेले हैं। हालांकि गर्म मौसम में पहले भी खेले हैं और ह्यूमिड कंडिशंस का भी सामना किया है। लेकिन ऐसी स्थिति में तो ऐसा लगता है जैसे आप सांस ही नहीं ले पा रहे हैं। ऐसा लगता है कि आप सांस खींच नहीं खा रहे हो। बता अक्टूबर 21 को मुंबई का AQI 161 था जो काफी खराब स्थिति में था। वहीं इस सिटी का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा।
ब्रिटिश पब्लिकेशन ने रिपोर्ट दी कि एयर क्वालिटी की वजह से बेन स्टोक्स और अन्य खिलाड़ियों को खेल के दौरान इनहेलर का इस्तेमाल करना पड़ा। अक्टूबर 15 को इंग्लैंड का मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में था। इस मैच में भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस दिन दिल्ली का AQI 164 था। इंग्लैंड का अगला मुकाबला 8 नवंबर को पुणे में नीदरलैंड के खिलाफ है। इस दिन पुणे का संभावित AQI 118 रहेगा। 11 नवंबर को इंग्लैंड की भिड़ंत पाकिस्तान से कोलकाता में होगी इस पूरे हफ्ते इस सिटी का AQI 150 के मध्य में ऊपर-नीचे होता रहा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला होने के बाद जो रूट ने कहा कि आप इससे भाग नहीं सकते। आप फील्ड में जाते हो और आपकी टी शर्ट पसीने से भीग जाती है। आपकी सांसें भारी हो जाती हैं। आप जानते हो कि आपने फिटनेस से जुड़ी सारी एहतियात बरती है।भारत के श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले रोहित शर्मा ने एयर क्वालिटी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक आदर्श दुनिया में आप इस तरह की स्थिति बिल्कुल नहीं चाहते हैं। जानता हूं कि लोग इस स्थिति से लड़ने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं। अपनी फ्यूचर जेनरेशन को देखते हुए मैं ये कहना चाहता हूं कि उन्हें बिना डर के जिंदगी जीने का अवसर मिलना चाहिए।
दिवाली को लेकर गंभीरता बढ़ी
12 नवंबर को देशभर में दिवाली भी है। मुंबई और कोलकाता 15 और 16 नवंबर को सेमी फाइनल होस्ट करने वाले हैं। ऐसे में सेमी फाइनल के दौरान एयर क्वालिटी और भी बेकार होने वाली है। ऐसे में BCCI भी थोड़ा डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दो वर्ल्ड कप मुकाबलों के दौरान दो सिटीज में पटाखों और आतिशबाजियों पर रोक लगाई गई है। “BCCI पर्यावरण को लेकर चिंतित है। इस संबंध पर ICC से बातचीत की गई और आने वाले मुकाबले में मुंबई में किसी भी तरह की आतिशबाजी नहीं की जाएगी।"