गुजरात के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात बिपरजोय (Cyclone Biparjoy) के दस्तक देने के बाद राज्य में भारी नुकसान हुआ। इसका असर कच्छ और सौराष्ट्र सहित करीब 8 जिलों में रहा। बिपरजोय तूफान अपने पीछे भारी तबाही छोड़ हो गया। NDRF ने एक बयान जारी कर बताया है कि गुजरात में चक्रवात 'बिपरजोय के कारण 23 लोग घायल हुए है और 24 पशुओं की मौत हो गई। चक्रवात के आने से पहले दो लोगों की जान चली गई थी। तूफान अब गुजरात से कराची की ओर बढ़ गया है। शुक्रवार शाम को इसके पाकिस्तान के सिंध प्रांत के केटी बंदर इलाके से टकराने का अनुमान है। चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए अब तक 80 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पाकिस्तानी सेना ने पहुंचाया है। अधिकारियों ने इसे बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान करार दिया है और हाई अलर्ट घोषित किया है।
पाकिस्तान में 82,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
चक्रवात बिपरजोय के पाकिस्तान के तटीय क्षेत्रों में दस्तक देने से पहले देश के दक्षिणी सिंध प्रांत में 82,000 से ज्यादा लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। चक्रवात के प्रभाव से कई शहरों में भारी बारिश और बाढ़ की संभावना है और इससे निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। वर्तमान में बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका बिपरजोय पाकिस्तान के करीब पहुंच रहा है, जिसकी वजह से अधिकारी जानमाल के संभावित नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
पाकिस्तान के मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, चक्रवात और पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ गया है और अब यह कराची से करीब 245 किलोमीटर दक्षिण में, थट्टा से 200 किलोमीटर दक्षिण में और केटी बंदरगाह से 150 किलोमीटर दक्षिण में है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय समन्वय मंत्री शेरी रहमान ने कहा कि चक्रवात बिपरजोय की रफ्तार कम हो गई है और यह शुक्रवार रात से पहले नहीं टकराएगा।
मंत्री ने कहा है कि चक्रवात की गति कम हो गई है लेकिन यह अभी भी गंभीर बना हुआ है और पहले से चिन्हित स्थान अभी भी खतरे की जद में हैं और उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। शेरी ने कहा कि हमने पहले चार जिलों को खतरे की जद में कहा था। थट्टा, बादिन, सुजावल और मालीर (कराची)। लेकिन, अब जबकि रास्ता उत्तर-पूर्व की ओर हो गया है, थारपाकड़ क्षेत्र को भी चक्रवात के प्रभाव को लेकर सचेत रहने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम पूरा हो गया है और अभी तक करीब 82,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। मंत्री ने कहा कि नौसेना, पुलिस बल, रेंजर्स सहित सभी संस्थाएं इसमें मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वायुसेना की जरूरत नहीं है और जरूरत पड़ने पर वह मदद करेगी।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चक्रवात से निपटने के लिए एहतियाती कदम के तहत वे तटीय इलाकों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं और अन्य इंतजाम करें। पाकिस्तान ने तटीय क्षेत्रों में बचाव कार्यों में मदद के लिए नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के कर्मियों को पहले से ही तैनात कर दिया है।
गुजरात में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े
चक्रवात बिपरजोय के गुरुवार शाम को गुजरात में कच्छ के तट से टकराने के बाद तेज हवाएं चलने के कारण देवभूमि द्वारका जिले में कई पेड़ उखड़े गए। इनकी चपेट में आकर कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कच्छ जिले के जखौ और मांडवी कस्बों के पास कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली टिन की चादरें उड़ गईं। गुजरात पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना के दल द्वारका के अलग-अलग हिस्सों में उखड़े पेड़ों और बिजली के खंभों को हटाने का काम कर रहे हैं।
इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार शाम को कहा कि गुजरात तट पर चक्रवात 4.30 बजे दस्तक दी ने शाम 4.30 बजे दस्तक दी और इसके टकराने की प्रक्रिया मध्यरात्रि तक पूरी होगी। IMD ने कहा कि तटीय गुजरात के साथ द्वारका, ओखा, नलिया, भुज, पोरबंदर और कांडला में बृहस्पतिवार सुबह से भारी बारिश हो रही है। तटीय इलाकों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की तेज हवाएं भी चल रही हैं। वहीं, राज्य प्रशासन ने आठ तटीय जिलों से 94,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।