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Cyclone Michaung: चेन्नई और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश, पीएम मोदी ने जताया शोक, कोयंबटूर ने बढ़ाया मदद का हाथ

Cyclone Michaung: चक्रवाती तूफान मिचौंग के चलते तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मूसलाधार बारिश हुई। इसके साथ ही अन्य कई जिलों में तबाही का मंजर देखने को मिला। चक्रवात के कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश हुई। चेन्नई में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करोड़ों की संपत्ति के नुकसान का अनुमान जताया गया है

Jitendra Singhअपडेटेड Dec 06, 2023 पर 1:26 PM
Cyclone Michaung: चेन्नई और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश, पीएम मोदी ने जताया शोक, कोयंबटूर ने बढ़ाया मदद का हाथ
Cyclone Michaung: चेन्नई में भारी बारिश के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।

Cyclone Michaung: दक्षिण भारत में मिचौंग तूफान का कहर जारी है। खासकर चेन्नई की हालत बद से बत्तर है। दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त है। फिलहाल बारिश की रफ्तार कम हो गई है। शहर की सड़कें पानी से लबालब भरी हुई हैं। लोगों की हालत बेहद खस्ता हो गई है। चेन्नई में मूसलाधार बारिश ने साल 2015 की यादें ताजा कर दी हैं। उस दौर में भी मूसलाधार बारिश हुई थी। अब एक बार फिर से ऐसे ही हालात नजर आ रहे हैं। फिलहाल तमिलनाडु के कोयंबटूर नगर निगम ने चेन्नई में राहत और बचाव के लिए काम करना शुरू कर दिया है।

देश के सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने मिचौंग चक्रवात की वजह से कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे इलाके में 30 घंटे से बिजली नहीं आई है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर कहा कि 30 घंटे से ज्यादा समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। अनुमान है कि ऐसे ही हालात हर जगह होंगे। बता दें कि चेन्नई में भारी बारिश से लोग जल जमाव और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं।

कोयंबटूर ने बढ़ाया मदद का हाथ

तमिलनाडु के कोयंबटूर निगम (Coimbatore corporation) ने चेन्नई में राहत और बचाव के लिए मदद करना शुरू कर दिया है। कोयंबटूर ने 12 मोटर भेजी हैं। इनकी क्षमता 41 HP है। इन मोटर के जरिए प्रति घंटे 4 लाख लीटर पानी निकाला जा सकता है। इतना ही नहीं कोयंबटूर नगर निगम के आयुक्त शिव गुरु प्रभाकरन (Siva Guru Prabakarn) राहत पहुंचाने के मकसद से चेन्नई पहुंच गए हैं। कोयंबटूर के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर और मोटर भी चेन्नई के लिए भेजी जा सकती हैं। इन मोटरों के जरिए सड़कों पर भरे पानी को आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

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