COVID-19 3rd Wave: स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- दिल्ली में गुजर चुका है कोरोना की तीसरी लहर का चरम

COVID-19 की तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में काफी कम मौतें हुई हैं

अपडेटेड Jan 20, 2022 पर 7:24 PM
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Delhi के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने हालांकि आगाह किया है कि दिल्ली अभी खतरे से बाहर नहीं आई है

COVID-19 3rd Wave: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की तीसरी लहर का चरम संभवत: गुजर चुका है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि दिल्ली अभी खतरे से बाहर नहीं आई है। जैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली में हाल ही में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में भारी वृद्धि उछाल देखने को मिला था, जब एक दिन में 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। संक्रमण दर भी बढ़कर 30 फीसदी के पार चली गई थी।

जैन ने कहा कि इस उछाल को कोविड-19 की मौजूदा लहर का चरम माना जा सकता है और ऐसा लगता है कि इस लहर का चरम गुजर चुका है। बीते कुछ दिनों में रोजाना दर्ज होने वाले नए मामलों में गिरावट आई है। बुधवार को 24 फीसदी की संक्रमण दर के साथ 13 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। गुरुवार को नए मरीजों की संख्या में और भी कमी आई है।

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राष्ट्रीय राजधानी में 13 जनवरी को 29.21 फीसदी की संक्रमण दर के साथ 28,867 नए मरीज सामने आए थे, जो महामारी की शुरुआत के बाद दिल्ली में एक दिन में दर्ज सर्वाधिक मामले थे। 14 जनवरी को संक्रमण दर बढ़कर 30 फीसदी से अधिक हो गई थी।

जैन ने हालांकि चेताया कि दिल्ली में कोविड-19 की मौजूदा लहर का चरम भले ही गुजर चुका हो, लेकिन हम अब भी यह नहीं सकते कि राष्ट्रीय राजधानी खतरे से बाहर है। हमें महामारी के आगामी रुख पर नजर रखने की जरूरत है।

प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जरूरी उपायों के जरिए कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी लाने में सफलता मिली है, लेकिन प्रतिबंधों में रियायत पर फैसला लेने से पहले हमें आने वाले दिनों में स्थिति की निगरानी करने की जरूरत पड़ेगी।

कोरोना संक्रमण की जांच दर में कमी आने के सवाल पर जैन ने दावा किया कि राजधानी में अन्य राज्यों के मुकाबले अब भी ज्यादा नमूनों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत है तो किसी की भी जांच करने से इनकार नहीं किया जा रहा है।

इस बीच, केंद्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में काफी कम मौतें हुई हैं और वैक्सीनेशन की उच्च दर के बाद मामलों में वर्तमान वृद्धि गंभीर बीमारी या मौत का कारण नहीं बन रही है। सरकार ने कहा कि भारत के 94 प्रतिशत वयस्कों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है, जबकि 72 प्रतिशत लोगों का पूर्ण वैक्सीनेशन हो चुका है।

सरकार ने कहा कि 15-18 वर्ष आयु वर्ग में 52 प्रतिशत ने अपनी कोविड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है। उसने कहा कि देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड के 50,000 से अधिक एक्टिव मरीज हैं और 515 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर 5 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई।

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