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Delhi-NCR AQI: दिल्ली में प्रदूषण से हाल-बेहाल, हर तरफ धुआं ही धुआं, जानिए कितना है AQI?

Delhi-NCR AQI: दिल्ली- NCR के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलने के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं। पिछले 11 दिन से दिल्ली में ग्रैप की पाबंदियां लागू हैं। इसके बावजूद प्रदूषण थमने का नाम नहीं ले रहा है। 16 नवंबर को सुहब राजधानी की हवा बेहद खराब रही। दिल्ली का AQI 386 के पार चला गया है

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Nov 16, 2023 पर 8:30 AM
Delhi-NCR AQI: दिल्ली में प्रदूषण से हाल-बेहाल, हर तरफ धुआं ही धुआं, जानिए कितना है AQI?
Delhi-NCR AQI: CPCB के मुताबिक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है।

Delhi-NCR AQI: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण (Delhi Air pollution) का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज (16 नवंबर 2023) को भी लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली। हवा न चलने की वजह से दिल्ली का तापमान लगातार कम होता जा रहा है। एक दिन में तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान गिरकर 10.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसका सीधा नतीजा यह है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर कम होने के बजाय बढ़ने के संकेत ज्यादा हैं। एक्सपर्ट के अनुसार दिवाली के बाद से AQI सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। यह भी एक वजह है कि AQI गंभीर स्तर के आसपास ही दर्ज हो रहा है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता (Delhi air quality Updates) गंभीर श्रेणी में है। पिछले 24 घंटों के दौरान नई दिल्ली में PM2.5 सांद्रता है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक से 20.7 गुना अधिक है।

कहां कितना है AQI?

गुरुवार (16 नवंबर2023) सुबह 6 बजे के करीब दिल्ली के पूठ खुर्द में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 495, मुंडका में 461, कालका जी में 457, डीआईटी में 456, अलीपुर में 450, बवाना में 434, आरके पुरम में 431, गाजीपुर में 417, आईपी एक्सटेंसन में 421 दर्ज किया गया। वहीं अगर दिल्ली-NCR की बात करें तो गाजियाबाद AQI 378, गुरुग्राम में 297, ग्रेटर नोएडा में 338, नोएडा में 360, और फरीदाबाद में 390 दर्ज किया गया। बता दें कि शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’, 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘अत्यधिक गंभीर’ माना जाता है।

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