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Exclusive: कॉम्पिटिशन लॉ में संशोधन से बढ़ जाएगी CCI की पावर, जब्ती और छापे मारने का भी होगा अधिकार

संशोधन विधेयक संसद में पारित होने के बाद एंटी-कंपटिटिव एंग्रीमेंट का दायरा बढ़ जाएगा। विलय और अधिग्रहण के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिल सकेगी। विवादित मामलों की संख्या में कमी आएगी। सीसीआई की जांच के दौरान अगर पार्टी इंफॉर्मेशन देने को तैयार हो जाती है तो उस पर कम पेनाल्टी लगाई जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2022 पर 2:11 PM
Exclusive: कॉम्पिटिशन लॉ में संशोधन से बढ़ जाएगी CCI की पावर, जब्ती और छापे मारने का भी होगा अधिकार
संशोधन विधेयक को 5 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया। इसे 8 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते में राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

सरकार Competition Act, 2002 में बदलाव करने जा रही है। इसके लिए उसने संसद में The Competition (Amendment) Bill, 2022 पेश किया है। संशोधन बिल पारित होने के बाद Competition Commission of India (CCI) के अधिकार बढ़ जाएंगे। साथ ही इसके कई फायदे भी होंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

संशोधन विधेयक संसद में पारित होने के बाद एंटी-कंपटिटिव एंग्रीमेंट का दायरा बढ़ जाएगा। विलय और अधिग्रहण के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिल सकेगी। विवादित मामलों की संख्या में कमी आएगी। सीसीआई की जांच के दौरान अगर पार्टी इंफॉर्मेशन देने को तैयार हो जाती है तो उस पर कम पेनाल्टी लगाई जाएगी।

सरकार सीसीआई के अधिकार बढ़ाना चाहती है। इससे किसी खास सेक्टर में कंपनी की अपनी दमदार स्थिति का नाजायज फायदा उठाने की कोशिशों पर रोक लगाना आसान हो जाएगा। कानून लागू होने के बाद प्रतियोगिता का दम घोंटने और उपभोक्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप में पेनाल्टी 1 करोड़ रुपये से बढ़कर 5 करोड़ रुपये हो जाएगी।

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