GST in India: देश में टैक्स चोरी करना दंडनीय अपराध है। अब इस मामले में GST इंटेलिजेंस ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में द डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की एनुअल परफॉर्मेंस रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 में GST चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
सूत्रों ने सीएनबीसी-टीवी 18 को बताया कि बीते फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में GST मामलों की प्रमुख जांच एजेंसी, DGGI ने टैक्स चोरी का पता लगाने में बड़ी सफलता मिली है, जिसमें 201931 करोड़ रुपये की चोरी से जुड़े 6,074 मामले सामने आए हैं, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2022-2023 की तुलना में 99% अधिक हैं।
हालांकि बहुत से टैक्सपेयर्स ने टैक्स चोरी पकड़े जाने पर 26,598 करोड़ का टैक्स डिपॉजिट कर दिया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के कुल जीएसटी कलेक्शन का लगभग 1.4% है और फाइनेंशियल ईयर 2022-2023 की तुलना में 28.4% अधिक हैं। वहीं DGGI ने फाइनेंशियल ईयर 2024 में टैक्स चोरी करने वालों में से 147 लोगों को हिरासत में लिया है जो कि टैक्स चोरी करने वालों के लिए एक कड़ा सबक है।
सूत्रों की मानें तो फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 में 2 लाख करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी की गई है जो फाइनेंशियल ईयर 2022-2023 में कुल GST कलेक्शन का लगभग 10% है। ये टैक्स चोरी बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस, फार्मास्यूटिकल्स, ई-कॉमर्स ऑपरेटर, ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो में सबसे अधिक हुई है।
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट
DGGI ने फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 में 21,089 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) धोखाधड़ी से जुड़े 2,197 मामलों का भी पता लगाया है। आने वाले फाइनेंशियल ईयर में भी DGGI की ये पहल जारी रहेगी। अब ऑनलाइन गेमिंग और टैक्स चोरी करने वाली कंपनी की जांच करने और पहचान के लिए बिग डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर फोकस किया जाएगा। इतना ही नहीं, टैक्स चोरी रोकने के लिए DGGI कई शहरों में डिजिटल फोरेंसिक लैब सेटअप कर रहा है।