केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) को ग्राहकों के कॉल डेटा (Call Data) और इंटरनेट इस्तेमाल करने से जुड़ी जानकारियों (Internet Usage Record) को अब 2 साल तक सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने शुक्रवार 24 दिसंबर को एक सर्कलुर जारी कर टेलीकॉम कंपनियों को यह निर्देश दिया।
बता दें कि अभी तक टेलीकॉम कंपनियों को जारी लाइसेंस में ग्राहकों के कॉल डेटा और इंटरनेट इस्तेमाल करने संबंधी रिकॉर्ड को 1 साल तक सुरक्षित रखने का नियम था। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि लाइसेंस नियमों में यह संशोधन 21 दिसंबर को जारी किए गए थे और 22 दिसंबर से यह दूसरी तरह के उद्देश्यों के लिए जारी टेलीकॉम लाइसेंस पर भी लागू हो गए हैं।
DoT के सर्कुलर में कहा गया, "लाइसेंसधारक कंपनियों को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी कमर्शियल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, एक्सचेंज डिटेल रिकॉर्ड, IP डिटेल रिकॉर्ड के साथ-साथ नेटवर्क पर हुए कम्युनिकेशन (संवाद) के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। इस तरह के रिकॉर्ड सुरक्षा कारणों से कम से कम 2 साल के लिए सुरक्षित रखे जाएं।"
टेलीकॉम कंपनियां को इस समयावधि के बीतने के बाद अगर टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिलता है, तो वे इन स्टोर किए डेटा को डिलीट कर सकती हैं।
सर्कुलर में कहा गया कि यह संशोधन जनहित के लिए साथ-साथ देश के सुरक्षा हितों भी जरूरी हैं। संशोधन के तहत टेलीकॉम कंपनियों के लिए इंटरनेट सेवा, ई-मेल, इंटरनेट टेलीफोन सेवाओं के लॉगइन और लॉगआउट ब्यौरों समेत ग्राहकों का इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना अनिवार्य है। इससे पहले, कॉल डेटा और इंटरनेट के इस्तेमाल संबंधी रिकॉर्ड कम से कम 1 वर्ष के लिए सुरक्षित रखने का नियम था।