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मोदी सरकार ने अरविंद पनगढ़िया को बनाया 16वें फाइनेंस कमीशन का चेयरमैन

नीति आयोग के पूर्व वाइस-चेयरमैन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अरविंद पनगढ़िया को 16वें फाइनेंस कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार ने इस सिलसिले में 31 दिसंबर को ऑर्डर जारी किया। इस ऑर्डर में 16वें फाइनेंस कमीशन के गठन के नोटिफिकेशन के साथ-साथ पनगढ़िया को इसका चेयरमैन बनाने की बात कही गई है। कमीशन के अन्य सदस्यों की नियुक्ति के बारे में अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 31, 2023 पर 3:18 PM
मोदी सरकार ने अरविंद पनगढ़िया को बनाया 16वें फाइनेंस कमीशन का चेयरमैन
अरविंद पनगढ़िया न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं।

नीति आयोग के पूर्व वाइस-चेयरमैन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) को 16वें फाइनेंस कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सरकार ने इस सिलसिले में 31 दिसंबर को ऑर्डर जारी किया। इस ऑर्डर में 16वें फाइनेंस कमीशन (Finance Commission) के गठन के नोटिफिकेशन के साथ-साथ पनगढ़िया को इसका चेयरमैन बनाने की बात कही गई है। कमीशन के अन्य सदस्यों की नियुक्ति के बारे में अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी।

ऑर्डर में कहा गया है, 'कमीशन के चेयरमैन और बाकी सदस्यों की अवधि पदभार संभालने की तारीख से लेकर रिपोर्ट के सौंपे जाने तक या 31 अक्टूबर, 2025 तक (जो भी पहले हो) होगी।' फाइनेंस कमीशन यानी वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसका गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत किया जाता है। इसका कार्य केंद्र और राज्यों की वित्तीय स्थितियों का मूल्यांकन करना, उनके बीच टैक्स के बटवारे की सिफारिश करना तथा राज्यों के बीच टैक्स के वितरण की रूपरेखा तय करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोंदी ने पनगढ़िया को 2015 में नीति आयोग का पहला वाइस चेयरमैन बनाया था। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में योजना आयोग को खत्म करके उसकी जगह नीति आयोग बनाया गया था।

30 सितंबर, 1952 को जन्मे अरविंद पनगढ़िया न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में इकनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं। इससे पहले वह एशियन डेवलपमेंट बैंक में टॉप इकनॉमिस्ट रह चुके हैं। साथ ही उन्होंने वर्ल्ड बैंक, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में भी कई पदों पर काम किया है। केंद्र सरकार ने हाल में 16वें फाइनेंस कमीशन की संदर्भ शर्तों यानी टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी। यह आयोग एक अप्रैल, 2026 से अगले पांच साल के लिए सिफारिशें देगा। कमीशन 31 अक्टूब, 2025 तक राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

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