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GST Council: गोल्ड और कीमती रत्नों के लिए ई-वे बिल हो सकता है अनिवार्य, जानिए क्या होता है ई-वे बिल

जीएसटी काउंसिल के अपनी 28-29 जून को होने वाली मीटिंग में सोना और कीमती रत्नों की आवाजाही के लिए ई-वे बिल को लागू करने की व्यवहार्यता पर राज्यों के वित्त मंत्रियों के पैनल की रिपोर्ट पर विचार किए जाने का अनुमान है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 24, 2022 पर 9:38 AM
GST Council: गोल्ड और कीमती रत्नों के लिए ई-वे बिल हो सकता है अनिवार्य, जानिए क्या होता है ई-वे बिल
जीएसटी काउंसिल की 28-29 जून को होने वाली मीटिंग में कई बड़े फैसले होने का अनुमान है

GST Council की अगली बैठक 28-29 जून को होने वाली है। इस बैठक में सोने या कीमती रत्नों के लिए ई-वे बिल अनिवार्य बनाने पर विचार हो सकता है। बैठक में 2 लाख रुपए से ज्यादा दाम वाले सोने या मंहगे रत्नों को एक ही राज्य में एक शहर से दूसरे शहर में ले जाने के लिए ई-वे को अनिवार्य बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में कुछ B2B ट्रांजैक्शंस (B2B transactions) के लिए भी ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य बनाने पर चर्चा हो सकती है।

काउंसिल के अपनी 28-29 जून को होने वाली मीटिंग में सोना और कीमती रत्नों को लाने-ले जाने के लिए ई-वे बिल को लागू करने की व्यवहार्यता पर राज्यों के वित्त मंत्रियों के पैनल की रिपोर्ट पर विचार किए जाने का अनुमान है।

20 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर पर ई-इनवॉइसिंग हो सकती है जरूरी

पैनल ने सुझाव दिया है कि सोना/ कीमती रत्नों की आपूर्ति करने वाले सभी टैक्सपेयर्स और सालाना 20 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वालों के द्वारा किए जाने वाले बी2बी ट्रांजेक्शंस (B2B transactions) के लिए ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए।

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