जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अगले हफ्ते होने वाली बैठक में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लगाने पर विचार किया जा सकता है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की बैठक में क्रिप्टोकरेंसी को 28 फीसदी के सबसे ऊंचे टैक्स स्लैब में रखने पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि इसी बैठक में क्रिप्टोकरेंसी पर लगने वाले टैक्स रेट को अंतिम रूप दिया जाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की बैठक में GST का दायरा बढ़ाने और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को इस टैक्स के दायरे में प्रभावी तरीके से लाने पर विचार किया जाएगा। बता दें कि GST काउंसिल की 47वीं बैठक चंडीगढ़ में 28 और 29 जून को होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित सभी राज्यों के वित्त मंत्री भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में बजट पेश करते हुए क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी टैक्स और प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी का TDS लगाने का ऐलान किया था। कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का नियम जहां 1 अप्रैल से लागू है, वहीं 1 फीसदी टीडीएस का नियम 1 जुलाई से लागू होगा।
सरकार के इस कदम को क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा था और ऐसा माना जा रहा था कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की वैधता को लेकर स्थिति साफ होगी। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस बीच सरकार लंबे समय से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर संसद में एक बिल लाने पर विचार कर रही है। हालांकि हर सत्र में यह बिल किसी न किसी कारण से टल जा रहा है। जीएसटी काउंसिल अगले हफ्ते क्रिप्टोकरेंसी को लेकर ऐसे समय में चर्चा करेगी, जब दुनिया भर में क्रिप्टो मार्केट में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
जीएसटी परिषद की यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब पूरी दुनिया महंगाई से परेशान है और भारत पर भी इसका असर दिख रहा है। देश में महंगाई तेजी से बढ़ी है और अब लोग उम्मीद कर रहे हैं जीएसटी परिषद आवश्यक वस्तुओं पर दरों को तर्कसंगत बनाकर राहत पहुंचाने में मदद कर सकती है।