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विदेशी एंप्लॉयीज की सैलरी से जुड़े टैक्स विवाद पर सर्कुलर जारी कर सकती है GST काउंसिल

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल एक सर्कुलर जारी कर विदेशी कंपनियों की भारतीय इकाइयों को भेजे गए नोटिस से जुड़े विवाद निपटा सकती है। दरअसल, GST डिपार्टमेंट इन इकाइयों द्वारा विदेशी एंप्लॉयीज को दी गई सैलरी पर टैक्स मांग रहा है। सर्कुलर में यह स्पष्ट किया जा सकता है कि 2017-2022 की अवधि के इनपुट टैक्स क्रेडिट को रोका नहीं जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय यूनिट में विदेशी एंप्लॉयीज को भेजना सेवाओं का एक्सपोर्ट माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 13, 2024 पर 8:35 PM
विदेशी एंप्लॉयीज की सैलरी से जुड़े टैक्स विवाद पर सर्कुलर जारी कर सकती है GST काउंसिल
लॉ कमेटी के कुछ सदस्यों का मानना है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को 2017-22 के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं दिया जाना चाहिए।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल एक सर्कुलर जारी कर विदेशी कंपनियों की भारतीय इकाइयों को भेजे गए नोटिस से जुड़े विवाद निपटा सकती है। दरअसल, GST डिपार्टमेंट इन इकाइयों द्वारा विदेशी एंप्लॉयीज को दी गई सैलरी पर टैक्स मांग रहा है।

मामले से वाकिफ सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि सर्कुलर में यह स्पष्ट किया जा सकता है कि 2017-2022 की अवधि के इनपुट टैक्स क्रेडिट को रोका नहीं जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय यूनिट में विदेशी एंप्लॉयीज को भेजना सेवाओं का एक्सपोर्ट माना जाता है।

इस मसले पर लॉ कमेटी द्वारा आम-सहमति पर पहुंचने के बाद इस प्रस्ताव को GST काउंसिल के सामने पेश किया जा सकता है। GST लॉ कमेटी में राज्यों और केंद्र सरकार के अधिकारी शामिल होते हैं और वे कानून, नियम और प्रक्रियाओं के बारे में केंद्र और राज्यों को सलाह देते हैं।

लॉ कमेटी के कुछ सदस्यों का मानना है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को 2017-22 के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं दिया जाना चाहिए। इन सदस्यों ने इसके लिए सेक्शन 74 का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा मामले को दबाने की वजह से GST देरी से वसूला जा रहा है।

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