वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक शुक्रवार 31 दिसंबर को होगी। इस बैठक में अन्य मुद्दों के अलावा राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक समिति की तरफ GST दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए सौंपी गई रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। यह आमने-सामने की बैठक होगी और इसमें कुछ उत्पादों पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार पर भी चर्चा की जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि GST काउंसिल की 46वीं बैठक 31 दिसंबर को दिल्ली में होगी। यह 30 दिसंबर को राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ होने वाली बजट-पूर्व बैठक का विस्तार होगा।
बैठक के दौरान राज्यों के वित्त मंत्रियों का एक समूह, GST काउंसिल को युक्तिसंगत बनाने के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। समूह ने रिफंड भुगतान को कम करने में मदद करने के लिए इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत वस्तुओं की समीक्षा की है।
इसके अलावा, राज्यों और केंद्र के टैक्स अधिकारियों वाली फिटमेंट कमेटी ने GST स्लैब और दरों में बदलाव को लेकर कई बड़ी सिफारिशें की है। इसके अलावा GST के दायरे से बाहर रखे गए कुछ वस्तुओं को भी GST लिस्ट में लाने की सिफारिश की गई है।
फिलहाल GST की चार स्लैब हैं, जिसके तहत क्रमश: 5, 12, 18 और 28 फीसटी टैक्स लगता है। लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं को 28 पर्सेंट के सबसे ऊपर वाले स्लैब में रखा गया है। साथ ही इसके अलावा उनपर अतिरिक्त सेस भी लगाया जाता है।
GST काउंसिल 12 और 18 प्रतिशत के स्लैब को मिलाने की मांग और GST दायरे से बाहर रखे गए कुछ वस्तुओं पर को टैक्स दायरे में लाने की मांग पर विचार करेगी। इस तरह स्लैब को युक्तिसंगत बनाने से आमदनी पर पड़ने वाले असर को लेकर कुछ हद तक संतुलन बैठाया जा सकेगा।