Industrial Output: अगस्त महीने में देश का औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 0.1 प्रतिशत गिर गया। पिछले 22 महीनों में पहली बार औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। देश के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों में पिछली गिरावट अक्टूबर 2022 में देखी गई थी। उस समय IIP में 4.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। जुलाई महीने में औद्योगिक उत्पादन 4.7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा था। वहीं अगस्त 2023 में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 10.9 प्रतिशत रही थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के संदर्भ में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन इस साल अगस्त में 0.1 प्रतिशत घट गया। अगस्त के दौरान माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र का प्रदर्शन खराब रहने से कुल औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई है। अगस्त में माइनिंग सेक्टर में 4.3 प्रतिशत और इलेक्ट्रिसिटी के आउटपुट में 3.7 प्रतिशत की गिरावट रही। वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ रेट सिर्फ 1 प्रतिशत रही। माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी, IIP के 3 प्रमुख कंपोनेंट हैं।
FY25 के पहले 5 महीनों में कैसा रहा इंडस्ट्रियल आउटपुट
NSO ने कहा कि अगस्त में संभवतः भारी बारिश की वजह से माइनिंग सेक्टर का उत्पादन प्रभावित हुआ। चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों (अप्रैल-अगस्त) में औद्योगिक उत्पादन 4.2 प्रतिशत बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत थी।
देश के कोर सेक्टर का उत्पादन अगस्त में 1.8 प्रतिशत घट गया, जबकि जुलाई महीने में इसमें 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कोर सेक्टर का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में वेटेज 40 प्रतिशत है। कोर सेक्टर में 8 अहम इंडस्ट्रीज आती हैं- कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी।