Core Industries Output: कोर इंडस्ट्रीज के लिए चालू वित्त वर्ष की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में 8 कोर इंडस्ट्रीज का आउटपुट 1.8 फीसदी गिर गया। यह खुलासा आज आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया। एमपीसी बैठक के बाद गवर्नर ने बताया कि अत्यधिक बारिश के चलते बिजली, कोयला और सीमेंट जैसी कुछ इंडस्ट्रीज के उत्पादन पर असर पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकारी खपत में सुधार हो रहा है। कोर सेक्टर में आठ अहम इंडस्ट्रीज आती हैं जैसे कि कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैल, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिक्सिटी। इसकी ग्रोथ से इंडियन इकॉनमी की सेहत का पता चलता है। इसकी ग्रोथ मजबूत है तो इसका मतलब है कि इकनॉमी आगे बढ़ रही है।
लगातार 10वीं बार Repo Rate में कोई बदलाव नहीं
अमेरिकी फेड ने बेंचमार्क ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती की थी तो अनुमान लगाए जा रहे थे कि आरबीआई भी ऐसा ही कुछ करेगा? अब आज यह तय हो गया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। आरबीआई ने लगातार दसवीं बार इसे स्थिर रखा है। यह 6.5 फीसदी पर बरकरार है।
GDP Growth को लेकर क्या है अनुमान?
आरबीआई गवर्नर का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी 7.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। इसमें दूसरी तिमाही यानी कि सितंबर तिमाही में 7.2 फीसदी, तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 7.4 फीसदी, मार्च 2025 तिमाही में 7.4 फीसदी और अगले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2025 में जीडीपी के 7.3 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। वहीं महंगाई को लेकर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि इस वित्त वर्ष 2025 में इनफ्लेशन 4.5 फीसदी पर बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि खाने और मेटल की कीमतों में जो हाल ही में बढ़ोतरी हुई है, अगर वह आगे भी जारी रहती है तो इसके चलते कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के ऊपर जाने का खतरा है।