Get App

इंडिया EU के कार्बन टैक्स की शिकायत WTO में करेगा, जानिए क्या है मामला

इंडिया का मानना है कि पर्यावरण की सुरक्षा के नाम पर ईयू व्यापार में बाधा पैदा करने की कोशिश कर रहा है। इसका असर न सिर्फ इंडिया के एक्सपोर्ट पर पड़ेगा बल्कि दूसरे विकासशील देशों के निर्यात पर भी पड़ेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड May 16, 2023 पर 5:21 PM
इंडिया EU के कार्बन टैक्स की शिकायत WTO में करेगा, जानिए क्या है मामला
EU ने हाई-कार्बन गुड्स के आयात पर 20 से 35 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। इसका मतलब है कि यूरोपीय संघ मे्ं इंडिया से आयातित स्टील, आयरन ओर और सीमेंट महंगे हो जाएंगे।

इंडिया ने यूरोपीय यूनियन (EU) के एक प्रस्ताव के खिलाफ WTO में शिकायत करने का प्लान बनाया है। इस प्रस्ताव में हाई-कार्बन गुड्स के आयात पर 20 से 35 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि यूरोपीय संघ इंडिया से आयातित स्टील, आयरन ओर और सीमेंट पर यह शुल्क लगा सकती है। सरकार और इंडस्ट्री के शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह ईयू के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म का मुकाबले करने की इंडिया की रणनीति का हिस्सा है। दरअसल, ईयू कार्बन एमिशन में कमी लाने के लिए नई टेक्नोलॉजी में निवेश के लिए लोकल इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहता है।

पिछले महीने EU ने प्रस्ताव को दी है मंजूरी

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ईयू नेताओं से मुलाकात के लिए ब्रूसेल्स के दौरे पर हैं। इस बातचीत में गोयल व्यापार को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े मसलों के समाधान की कोशिश करेंगे। पिछले महीने ईयू ने 2026 से हाई-कार्बन गुड्स के आयात पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इसका असर ईयू के स्टील, सीमेंट, अल्युमीनियम, फर्टिलाइजर्स और हाइड्रोजन के आयात पर पड़ेगा। ईयू 2050 तक ग्रीन हाउस गैसों का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर देना चाहता है। इंडिया ने इसके लिए 2070 का लक्ष्य रखा है।

व्यापार में बाधा पैदा करने का आरोप

सब समाचार

+ और भी पढ़ें