Indian Economy: 1% अमीरों के पास देश की 40% संपत्ति, Oxfam की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Indian Economy: ऑक्सफैम (Oxfam Report) ने भारत में बढ़ते अमीर-गरीब के बीच की खाई को लेकर नया खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत के 10 सबसे अमीरों पर 5 फीसदी टैक्स लगा दिया जाए तो बच्चों के स्कूल की पढ़ाई का के लिए पूरा पैसा मिल सकता है

अपडेटेड Jan 16, 2023 पर 9:26 AM
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नवंबर 2022 तक भारत में अरबपतियों की संपत्ति में 121 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है

Indian Economy: देश में असमानता की खाई कितनी बढ़ गई है? इस मामले में ऑक्सफैम इंटरनेशनल (Oxfam International) की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। ऑक्सफैम ने जारी की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में एक फीसदी अमीरों के पास देश की 40 फीसदी संपत्ति है। वहीं आबादी की सबसे गरीब तबके के पास 3 फीसदी संपत्ति है। दावेस में वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम (World Economic Forum) की सालाना बैठक के पहले दिन राइट्स ग्रुप ऑक्सफैम इंटरनेशनल(rights group Oxfam International) ने अपनी वार्षिक असमानता रिपोर्ट(annual inequality report) जारी की है।

इस दौरान ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने कहा कि अगर भारत के 10 सबसे अमीरों पर 5 फीसदी टैक्स लगा दिया जाए तो बच्चों के स्कूल की पढ़ाई का के लिए पूरा पैसा मिल सकता है।  इस रिपोर्ट का टाइटल सर्वाइवल ऑफ द रिचेस्ट (Survival of the Richest) है।

अमीरों के पास है मोटा फंड


रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर भारत के अरबपतियों पर उनकी पूरी संपत्ति पर 2 फीसदी की दर से एक बार टैक्स लगाया जाता है, तो यह देश में अगले तीन सालों के लिए कुपोषण से पीड़ित बच्चों के पोषण के लिए 40,423 करोड़ रुपये जुटाया जा सकते हैं। देश के 10 सबसे अमीर अरबपतियों पर 5 फीसदी का एक बार का टैक्स (1.37 लाख करोड़ रुपये) हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री (86,200 करोड़ रुपये) और आयुष मंत्रालय ( 3,050 करोड़ रुपये) के साल 2022-23 के अनुमानित फंड से 1.5 गुना ज्यादा है। ऑक्सफैम ने कहा कि रिपोर्ट भारत में असमानता के प्रभाव का पता लगाने के लिए गुणात्मक और मात्रात्मक(qualitative and quantitative) जानकारी का मिश्रण है।

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महिला श्रमिकों को मिलते हैं कम पैसे

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में लैंगिक असमानता(gender inequality) अभी भी कायम है। भारत में जहां पुरुष मजदूरों (male worker) को 1 रुपये मिलते हैं। वहीं महिला श्रमिकों (female workers) को 63 पैसे मिलते हैं। अनुसूचित जातियों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए यह अंतर और भी ज्यादा है।

कोरोना के बाद अमीरों की संपत्ति में इजाफा

ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि जब से कोरोना महामारी शुरू हुई। तब से नवंबर 2022 तक भारत में अरबपतियों की संपत्ति में वास्तविक रूप से 121 फीसदी यानी 3,608 करोड़ रुपये रोजाना की बढ़ोतरी हुई है।

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