पिछले कुछ समय से बैंकों को लिक्विडिटी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इकोनॉमी और मार्केट्स के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी जरूरी है। रिजर्व बैंक (आरबीआई) लिक्विडिटी पर्याप्त बनाए रखने की कोशिश करता है। किसी वजह से लिक्विडिटी कम होने पर वह उसे बढ़ाने के उपाय करता है। किसी वजह से लिक्विडिटी बढ़ जाने पर वह उसे कम करने की कोशिश करता है। इसके लिए केंद्रीय बैंक कुछ तरीकों का इस्तेमाल करता है। इनमें रिजर्व मनी (एमO) और ब्रॉड मनी (M3) सबसे प्रमुख हैं।
