भारत को एक 'नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन' बनाने की जरूरत है, क्योंकि 'दुनिया को इस सेक्टर में भारत की जरूरत है।' साथ ही अगर देश को 2025-26 तक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में 300 बिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करना है, तो स्मार्टफोन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की भी जरूरत है। ये वे डिमांड हैं, जो इस सेक्टर की टॉप कंपनियों और इंडस्ट्रीज़ ने सरकार के सामने रखी हैं।
ये सुझाव बुधवार को चल रहे 'आजादी का डिजिटल महोत्सव' में वरिष्ठ सरकारी मंत्रियों के सामने प्रेजेंटेशन में आए। दरअसल इस कार्यक्रम में अलग-अलग कंपनियों और इंडस्ट्रीज़ के हेड ने इस पर अपना-अपना पक्ष रख रहे थे कि भारत अपने बड़े लक्ष्य को कैसे हासिल कर सकता है।
News18 ने इस प्रेजेंटेशन के हवाले से बताया, 'हम सेमीकंडक्टर बिजनेस का जिस तरह पीछा कर रहे हैं, उसी तरह दुनिया को भी सेमीकंडक्टर्स के लिए भारत की जरूरत है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को भारत की जरूरत है। इसे ज़ोर-शोर से प्रमोट करें। नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन बनाना एक मकसद होना चाहिए।'
वेदांत ग्रुप, इंटेल इंडिया, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, NXP और IESA के वरिष्ठ अधिकारी सुपरकंडक्टर इंडस्ट्री के रोडमैप पर हो रही इस चर्चा में शामिल थे।
प्रेजेंटेशन में कहा गया, 'Google, Amazon, Facebook सभी चिप बिजनेस में शामिल हो रहे हैं। सरकार इंडस्ट्रीज़ उससे भी अगला प्रोसेसर बनाने का चैलेंज दे। बाजार में बहुत सारे अवसर हैं। वैश्विक स्तर पर सोचें। हम जो अब तक करते आए हैं, यह उससे अलग है और समय भी सही है।'
टेलीकॉम और IT हार्डवेयर को PLI की सख्त जरूरत
टेलीकॉम और IT हार्डवेयर इंडस्ट्री के लीडर्स ने एक दूसरे सेशन में सरकार को बताया कि दोनों क्षेत्रों के लिए बेहतर तरह से तैयार, अच्छी तरह से अनुकूल और रेगुलर निगरानी की जाने वाली PLI की जरूरत है। उन्होंने 2025-26 तक 300 बिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, इसे एक अहम स्तंभ करार दिया।
बता दें कि सरकार ने पिछले साल बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के लिए PLI स्कीम शुरू की थी, जिसके तहत बेस ईयर के बाद पांच साल के पीरियड के लिए इंक्रीमेंटल सेल पर 4 से 6% का इंसेंटिव दिया जाएगा।
प्रेजेंटेशन में कहा, 'PLI 300 अरब डॉलर के इस सफर को पूरा करने में काफी अहम भूमिका निभाएगा। स्मार्टफोन पीएलआई को त्रैमासिक समीक्षा और कोर्स करेक्शन की जरूरत है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक महत्वपूर्ण एलिमेंट होगा। IT हार्डवेयर को ऊपर उठाने के लिए PLI की जरूरत है।'
Apple, LAVA, ICEA, MAIT, डिक्सन और फ्लेक्स के टॉप अधिकारियों ने इस चर्चा में हिस्सा लिया। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय (MeiTY), उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और NITI Aayog वित्त मंत्रालय के साथ PLI फाइनेंशियल निर्णय लेने के लिए सहायक भूमिका निभाएंगे।
प्रेजेंटेशन में कहा गया है, "हमें 2026 तक 300 अरब डॉलर हासिल करने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में मोबाइल फोन पर ध्यान देने की जरूरत है। हाईएस्ट प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट 2020-21 में 3.6 अरब डॉलर से 2025-26 में 55 अरब डॉलर हो गया है यानी 15 गुना की बढ़ोतरी।"