GDP Growth Estimate for FY23: आज आरबीआई पॉलिसी की घोषणा करने के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Governor Shaktikanta Das) ने देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया। गवर्नर ने वित्त वर्ष 2023 (FY23) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 7% से घटाकर 6.8% किया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 6.8% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है। इसके आगे ग्रोथ बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही (Q1FY24) में GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान है। जबकि Q2FY24 में GDP ग्रोथ 5.9% रहने का अनुमान गवर्नर ने जताया।
गौरतलब है कि 30 सितंबर को अपने लास्ट पॉलिसी स्टेटमेंट में आरबीआई की मॉनटेरी पॉलिसी समिति ने 2022/23 वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान जताया था। इसके साथ ही आरबीआई ने खुदरा महंगाई 6.7% रहने का अनुमान भी लगाया था।
भारतीय रिजर्व बैंक की रेपो दर बुधवार को 35 बेसिस प्वाइंट्स (बीपीएस) से बढ़ा दी गई। रेपो दर का बढ़ना व्यापक रूप से अपेक्षित था। महंगाई की संभावना चरम पर है और आर्थिक विकास के बारे में चिंताएं फिर सामने आई हैं। लिहाजा रेपो रेट में पांचवीं सीधी वृद्धि की उम्मीद की जा रही थी।
मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) में RBI के तीन सदस्य और तीन बाहरी सदस्य शामिल हैं। इन्होंने बहुमत के फैसले में मुख्य लेंडिंग रेट या रेपो रेट को बढ़ाकर 6.25% कर दिया। कमेटी के छह में से पांच सदस्यों ने फैसले के पक्ष में मतदान किया।
आज अपने संबोधन में शक्तिकांत दास ने ये भी कहा कि 2 दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार $56,120 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं RBI पॉलिसी के बाद रुपए में शानदार रिकवरी देखने को मिली। रुपया नीचे से रिकवर होता हुआ नजर आया। पॉलिसी की घोषणा के बाद रुपया दिन के निचले स्तर से 31 पैसे सुधरा है।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि विपरीत ग्लोबल परिस्थिति में भी भारत में ग्रोथ देखने को मिल रही है। लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इतना ही नहीं जरूरत पड़ी तो आरबीआई महंगाई पर कदम उठाने को तैयार है।