RBI governor Shaktikanta Das : रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्त वर्ष 23 के लिए सीपीआई इनफ्लेशन (CPI inflation) 4.5 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। आरबीआई गवर्नर को मौजूदा तिमाही में टॉलरेंस बैंड के भीतर इनफ्लेशन के पीक पर रहने का अनुमान है, जिसमें अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में नरमी आएगी।
सोमवार को आएंगे खुदरा महंगाई के आंकड़े
रॉयटर्स पोल के मुताबिक, सोमवार को जारी होने वाली भारत की खुदरा महंगाई के जनवरी में बढ़कर 6 फीसदी होने का अनुमान है, जो केंद्रीय बैंक द्वारा तय टॉलरेंस बैंड की अपर लिमिट है। महंगाई पर कंज्यूमर गुड्स और टेलिकॉम की कीमतों में तेजी का असर दिख सकता है, जो तुलनात्मक रूप से एक साल पहले खासी कम थीं।
दुनिया की तुलना में कम है महंगाई
महंगाई दुनिया भर में बढ़ रही है और भारत इस मामले में अपवाद नहीं है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी ऐतिहासिक स्टैंडर्ड्स की तुलना में कम हैं, जिससे केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का मौका मिला है।
गवर्नर ने वित्त वर्ष 2023 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। इसके अलावा, RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने एकमत से बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट यानी रेपो रेट को 4% पर बनाए रखने का फैसला किया है। आरबीआई ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह वह दर है, जिस पर बैंक, केंद्रीय बैंक से उधार लेते हैं।
मई 2020 से रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
आरबीआई ने कोरोना महामारी के चलते और इकोनॉमी में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने के क्रम में मॉनेटरी पॉलिसी में नरम रुख अपनाया है, जिससे रेपो रेट 4 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंच गईं और मई 2020 से यह इसी स्तर पर बनी हुई है। एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक आज समाप्त हो गई।