RBI गवर्नर को FY23 में खुदरा महंगाई 4.5% के स्तर पर रहने की उम्मीद

RBI Governor शक्तिकांत दास को FY23 में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8% रहने का अनुमान है

अपडेटेड Feb 10, 2022 पर 11:34 AM
Story continues below Advertisement
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए महंगाई एक बड़ी चिंता बनी हुई है

RBI governor Shaktikanta Das : रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्त वर्ष 23 के लिए सीपीआई इनफ्लेशन (CPI inflation) 4.5 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। आरबीआई गवर्नर को मौजूदा तिमाही में टॉलरेंस बैंड के भीतर इनफ्लेशन के पीक पर रहने का अनुमान है, जिसमें अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में नरमी आएगी।

सोमवार को आएंगे खुदरा महंगाई के आंकड़े

रॉयटर्स पोल के मुताबिक, सोमवार को जारी होने वाली भारत की खुदरा महंगाई के जनवरी में बढ़कर 6 फीसदी होने का अनुमान है, जो केंद्रीय बैंक द्वारा तय टॉलरेंस बैंड की अपर लिमिट है। महंगाई पर कंज्यूमर गुड्स और टेलिकॉम की कीमतों में तेजी का असर दिख सकता है, जो तुलनात्मक रूप से एक साल पहले खासी कम थीं।


RBI ने ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का प्रस्ताव किया

दुनिया की तुलना में कम है महंगाई

महंगाई दुनिया भर में बढ़ रही है और भारत इस मामले में अपवाद नहीं है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी ऐतिहासिक स्टैंडर्ड्स की तुलना में कम हैं, जिससे केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का मौका मिला है।

गवर्नर ने वित्त वर्ष 2023 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। इसके अलावा, RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने एकमत से बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट यानी रेपो रेट को 4% पर बनाए रखने का फैसला किया है। आरबीआई ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह वह दर है, जिस पर बैंक, केंद्रीय बैंक से उधार लेते हैं।

e-Rupee Voucher: क्या है ई-रूपी वाउचर, यह कैसे काम करता है?

मई 2020 से रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव

आरबीआई ने कोरोना महामारी के चलते और इकोनॉमी में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने के क्रम में मॉनेटरी पॉलिसी में नरम रुख अपनाया है, जिससे रेपो रेट 4 फीसदी के निचले स्तर पर पहुंच गईं और मई 2020 से यह इसी स्तर पर बनी हुई है। एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक आज समाप्त हो गई।

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।