Get App

RBI सरकारी सिक्योरिटीज के बदले कर्ज देने और उधार लेने की अनुमति देने की तैयारी में, अब शाम 5 बजे तक हो सकेगी G-Secs की ट्रेडिंग

RBI Policy: आरबीआई के इस फैसले से निवेशको को अपनी निष्क्रिय पड़ी सिक्योरिटीज पर पैसा कमाने, पोर्टफोलियो का रिटर्न बढ़ाने और बॉन्ड मार्केट में निवेशकों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी

Curated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Feb 08, 2023 पर 1:34 PM
RBI सरकारी सिक्योरिटीज के बदले कर्ज देने और उधार लेने की अनुमति देने की तैयारी में, अब शाम 5 बजे तक हो सकेगी G-Secs की ट्रेडिंग
अब सरकारी प्रतिभूतियों या G-Sec की खरीद-बिक्री सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हो सकेगी। बता दें कि वर्तमान में G-Sec की खरीद बिक्री 9 बजे सुबह से 3:30 बजे शाम तक ही होती है

RBI Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज बॉन्ड बाजार की रीच बढ़ाने के लिए सरकारी सिक्योरिटीज (government securities) के बदले कर्ज देने और उधार लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीतियों का ऐलान करते हुए ये बात बताई है। उन्होंने कहा कि सरकारी सिक्योरिटीज का मार्केट टाइम बढ़ाकर एक बार फिर कोविड-पूर्व लेवल पर ले जाया जाएगा। यानी अब सरकारी प्रतिभूतियों या G-Sec की खरीद-बिक्री सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हो सकेगी। बता दें कि वर्तमान में G-Sec की खरीद बिक्री 9 बजे सुबह से 3:30 बजे शाम तक ही होती है।

आरबीआई गवर्नर ने आज आरबीआई पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा "आरबीआई के इस फैसले से निवेशको को अपनी निष्क्रिय पड़ी सिक्योरिटीज पर पैसा कमाने, पोर्टफोलियो का रिटर्न बढ़ाने और बॉन्ड मार्केट में निवेशकों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से G-Sec मार्केट की पहुंच और तरलता बढ़ेगी, निवेशकों को प्राइस डिस्कवरी में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही इससे केंद्र और राज्यों के बाजार उधारी कार्यक्रम को सुचारू रूप से पूरा करने में सहायता मिलेगा।" उन्होंने आगे बताया कि आरबीआई जल्दी ही अपने इस प्रस्ताव पर स्टेक होल्डरों की राय जानने के लिए एक ड्रॉफ्ट गाइडलाइन जारी करेगी।

RBI Policy: अगले वित्त वर्ष में 5.3 फीसदी पर रह सकती है महंगाई दर

आरबीआई ने अपने एक बयान में कहा "सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) को उधार देने और उधार लेने के लिए एक अच्छी तरह से काम करने वाले बाजार से सरकारी सिक्योरिटीज के बाजार में गहराई और तरलता बढ़ेगी। इससे प्राइस डिस्कवरी में सहायता मिलेगी। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए सरकारी सिक्योरिटीज को उधार देने और उधार लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव है जो विशेष रेपो (special repos) के लिए मौजूदा बाजार को विस्तार देगा।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें