Tax Collections: भारत सरकार ने FY25 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के मजबूत आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 12 जनवरी तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.9 फीसदी बढ़कर 16.9 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 14.58 लाख करोड़ रुपये था। इसका मतलब है कि इस साल सरकार ने ने डायरेक्ट टैक्स (जैसे आयकर और कॉर्पोरेट टैक्स) से पिछले साल की तुलना में लगभग 16 फीसदी ज्यादा टैक्स जुटाया है। इसके अलावा, मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 12 जनवरी तक 19.9 फीसदी का उछाल आया है और यह बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपये हो गया।
Tax Collections से जुड़े आंकड़े
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा कि 12 जनवरी तक के नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 7.68 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स (रिफंड के बाद नेट), 8.74 लाख करोड़ रुपये का नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स और 44,538 करोड़ रुपये का सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (रिफंड के बाद शुद्ध) शामिल है।
सरकार ने 12 जनवरी तक 3.74 लाख करोड़ रुपये का डायरेक्ट टैक्स रिफंड जारी किया, जो 2023-24 की इसी अवधि से 42.49 फीसदी की बढ़ोतरी है। नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में एडवांस टैक्स में 21.5 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि कॉर्पोरेट टैक्स में केवल 8 फीसदी की वृद्धि हुई।
टैक्स कलेक्शन के आंकड़े इसलिए अहम हैं क्योंकि इससे सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलती है। जुलाई के बजट में केंद्र ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 4.9 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य तय किया था। ग्रॉस बेसिस पर रिफंड एडजस्ट करने से पहले, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12 जनवरी तक 20.64 लाख करोड़ रुपये है, जो एक साल पहले की अवधि की तुलना में 19.9 फीसदी अधिक है।