सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। तेल कंपनियों को अब डीजल के एक्सपोर्ट पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर 9 रुपये प्रति लीटर टैक्स देना होगा। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर निकाले जाने वाले क्रूड ऑयल पर भी लेवी 300 रुपये प्रति टन बढ़ाकर 13,300 रुपये प्रति टन कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर से प्रभावी हो गई है।
हर 15 दिन में समीक्षा करती है सरकार
सरकार विंडफॉल टैक्स की हर 15 दिन में समीक्षा कर रही है। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस तरह की चौथी समीक्षा में सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर यह टैक्स 2 रुपये से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
दिल्ली में कम हुई एटीएफ की कीमत
हालांकि, इसके बाद गुरुवार को घरेलू स्तर पर जेट फ्यूल यानी एटीएफ (ATF) यानी aviation turbine fuel की कीमतों में कमी देखने को मिली है। दिल्ली में एटीएफ की कीमत 0.7 फीसदी घटकर 1.21 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई, जो पहले 1.22 रुपये थी।
क्यों लगाया था विंडफॉल टैक्स
दुनिया भर में बड़ी संख्या में देशों द्वारा एनर्जी कंपनियों के सुपर नॉर्मल प्रॉफिट पर टैक्स लगाने के बाद भारत ने इस साल 1 जुलाई को पहली बार विंडफाल टैक्स लगाया था। लेकिन उसके बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमतें कम हो गई, जिससे तेल उत्पादक कंपनियों और रिफाइनर्स के प्रॉफिट मार्जिन घट गए। इसके बाद से लगातार विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया जा रहा है।