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Yearender 2022 : और ज्यादा मुश्किल साबित होगा 2023, क्या लौटेगा ब्याज दरों में कटौती का दौर?

Yearender 2022 : नए साल में सरकार और रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) नई मुश्किलों से जूझते नजर आएंगे। भले ही यह समस्याएं अज्ञात नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से इनसे वैसे दबाव पैदा होंगे जिनका कोई किताबी समाधान नहीं होगा। 2022 में पॉलिसीमेकर्स की लिस्ट में सबसे बड़ी चुनौती संभवतः महंगाई रही। हालांकि यह साल भर आरबीआई के 2-6 फीसदी के टॉलरेंस बैंड से बाहर ही रही

Curated By: Mohit Parasharअपडेटेड Dec 29, 2022 पर 1:02 PM
Yearender 2022 : और ज्यादा मुश्किल साबित होगा 2023, क्या लौटेगा ब्याज दरों में कटौती का दौर?
जैसे-जैसे वर्ष 2022 होने जा रहा है, भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) के सामने नई चुनौतियां आती दिख रही हैं

Yearender 2022 : जैसे-जैसे वर्ष 2022 समाप्त होने जा रहा है, भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) के सामने नई चुनौतियां आती दिख रही हैं। हाल के महीनों में महंगाई कम हुई है, सरकारी खजाने को मजबूती मिल रही है और पिछले कई साल में लोन की डिमांड सबसे तेज गति से बढ़ी है। नए साल में सरकार और रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) नई मुश्किलों से जूझते नजर आएंगे। भले ही यह समस्याएं अज्ञात नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से इनसे वैसे दबाव पैदा होंगे जिनका कोई किताबी समाधान नहीं होगा।

2022 में पॉलिसीमेकर्स की लिस्ट में सबसे बड़ी चुनौती संभवतः महंगाई रही। हालांकि यह साल भर आरबीआई के 2-6 फीसदी के टॉलरेंस बैंड से बाहर ही रही।

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हालांकि, हाल के महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए इकोनॉमिस्ट्स ने अपने अनुमान में खासी कमी कर दी है। उदाहरण के लिए, Deutsche Bank को 2023-24 के लिए औसत महंगाई 5 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो पिछले अनुमान से 50 बेसिस प्वाइंट्स कम है।

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