प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह (Dilbagh Singh) और उनके सहयोगी कुलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध खनन मामले में INLD नेता अभय चौटाला के समधी दिलबाग सिंह के ठिकानों पर ED की कार्रवाई सोमवार को पांचवें दिन समाप्त हो गई। सिंह यमुनानगर विधानसभा सीट से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के पूर्व विधायक हैं। एजेंसी ने 4 जनवरी को उनके और सोनीपत से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार के यहां छापेमारी की थी और पांच दिनों तक चली तलाश सोमवार को समाप्त हुई।
पीटीआई के मुताबिक, छापेमारी समाप्त होने के बाद ED ने दिलबाग सिंह और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। दिलबाग के घर पर 100 घंटे से ज्यादा जमी ED की टीम ने उनकी प्रॉपर्टी और बैंक संबंधी डिटेल्स की पड़ताल की। दिलबाग सिंह और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर 5 जनवरी को छापेमारी के दौरान विदेशी हथियार, लगभग 300 कारतूस, 5 करोड़ रुपये नकद और 100 से अधिक शराब की बोतलें बरामद की थी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने हरियाणा के यमुनानगर जिले में कथित अवैध खनन से मामले में 4 जनवरी को पूर्व विधायक सिंह और सोनीपत से कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र पंवार के खिलाफ छापेमारी शुरू की थी।
सूत्रों ने बताया कि सिंह और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों से लगभग पांच करोड़ रुपये नकद, कथित अवैध विदेशी निर्मित हथियार, लगभग 300 कारतूस, 100 से अधिक शराब की बोतलें, चार-पांच किलोग्राम सोना और भारत और विदेशों में संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। उनके सहयोगी सूत्रों ने जानकारी दी कि सिंह के ठिकानों पर 5 जनवरी से ही तलाशी जारी थी।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत यमुनानगर, सोनीपत, मोहाली, फरीदाबाद, चंडीगढ़ और करनाल में दोनों नेताओं और संबंधित इकाइयों के लगभग 20 परिसरों पर छापेमारी की गई।
मनी लॉन्ड्रिंग का ये मामला पिछले दिनों यमुनानगर और आसपास के जिलों में हुए कथित अवैध खनन की जांच के लिए दर्ज की गईं हरियाणा पुलिस की कई FIR से सामने आया है। ये FIR पट्टा समाप्ति और अदालत के आदेश के बाद भी पूर्व में हुए पत्थर, बजरी और रेत के कथित अवैध खनन की जांच के लिए दर्ज की गई थीं।
केंद्रीय एजेंसी रेवेन्यू और टैक्स कलेक्शन को आसान बनाने और खनन क्षेत्रों में टैक्स चोरी को रोकने के लिए 2020 में हरियाणा सरकार द्वारा लाई गई ऑनलाइन योजना में कथित धोखाधड़ी की भी जांच कर रही है।