मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में केंद्रीय एजेंसी ईडी ने आज 15 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आज प्राइवेट इक्विटी फण्ड IREO और इसके एमडीललित गोयल की 1317 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। ED ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है।
ED ने रीयल एस्टेट ग्रुप के वाइस चेयरमैन और एमडी ललित गोयल समेत अन्य लोगोंके खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट इस जनवरी में फाइल की थी। यह चार्जशीट करोड़ों के एक रीयल एस्टेट घोटाले से जुड़े मामले में फाइल की गई थी। हरियाणा की पीएमएलए कोर्ट पंचकूला ने इस चार्जशीट का संज्ञान लिया था।
ललित गोयल और अन्य लोगों पर एक रीयल एस्टेट फ्रॉड का आरोप लगा है।ED के मुताबिक हरियाणा में IREO FiveRiver, The Corridors, IREO City, Gurgaon Hills और पंजाब में IREO WaterFront Township जैसे IREO प्रोजेक्ट्स के निवेशकों और एक हजार से अधिक घर खरीदारों ने एडवांस पेमेंट कर दिया था। ये अपने फ्लैट्स/प्लॉट्स मिलने का अभी भी इंतजार कर रहे हैं और उनके इंतजार के चार से पांच साल बीत चुके हैं।
ED का आरोप है कि IREO ग्रुप की कम्पनियां पैसों की धोखाधड़ी के चलते प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर सकीं। ग्राहकों के करीब 1225 करोड़ रुपये रिडेम्पशन, पर्चेज, ट्रांसफर और शेयरों केबायबैक, एफसीडी या फुल्ली कन्वर्टिबल डिबेंचर इत्यादि के जरिये देश से बाहर भेज दिए गए। यह देश की एफडीआई पॉलिसी और अन्य कानूनों का उल्लंघन है।
लंदन जाते वक्त हुई गिरफ्तारी
ED का कहना है कि ग्रुप ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, मॉरीशस जैसे टैक्स हैवेन्स में स्थित कई एन्टिटीज से पैसे भारत मंगाना, बही-खाते में फर्जी खर्चे दिखाना, जो काम चल रहे थे उन्हें राइट ऑफ करना, अपनी सिस्टर कम्पनियों को बिना ब्याज के कर्ज और एडवांस देना, जैसे तरीके धोखाधड़ी के लिए अपनाए। ED के मुताबिक भारत और भारत से बाहर शेल कम्पनियों और संपत्तियों को तैयार कर पैसों की राउंड-ट्रिपिंग की। इन मामलों से जुड़ी चार्जशीट में गोयल को पिछले साल नवंबर 2021 में तब गिरफ्तार किया गया, जब वह दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लंदन के लिए विस्तारा की फ्लाइट लेने वाले थे।