इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT Madras) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक कोर्स शुरू किया है और एकेडमिक ईयर 2024-25 से छात्रों को एडमिशन मिलना शुरू हो जाएगा। इस प्रोग्राम में एडमिशन JEE (एडवांस्ड) परीक्षा के जरिए होगा। 2024 बैच के लिए ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JOSAA) की काउंसलिंग फिलहाल जारी है। प्रोग्राम का मकसद AI और डेटा एनालिटिक्स के अलग-अलग पहलुओं में विशेषज्ञता विकसित करना है। कई इंडस्ट्री में अब इसकी डिमांड बढ़ रही है। इस नए कोर्स में केवल 50 छात्र ही होंगे।
IIT मद्रास ने एक बयान में कहा, गणित के बुनियादी सिद्धांतों, डेटा साइंस/AI/ML फाउंडेशंस, एप्लीकेशन डेवलपमेंट और रिस्पांसिबल डिजाइन के अलावा एक खास विषय पर जोर दिया जाएगा।
ये कोर्स वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड AI के जरिए पेश किया जा रहा है, जिसे IIT मद्रास के पूर्व छात्र और IGATE और मास्टेक डिजिटल के कोफाउंडर सुनील वाधवानी की तरफ से 110 करोड़ रुपए की आर्थिक सपोर्ट के साथ शुरु किया गया है।
बीटेक प्रोग्राम का ज्यादा फोकस असल दुनिया की समस्याओं की एप्लीकेशन और 'रियल और फेयर AI' पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
बयान में कहा गया है कि इसमें अलग-अलग डोमेन में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए डेटा एनालिटिक्स और AI तकनीकों को लागू करना, इनोवेशन और उसके असर को बढ़ावा देना, AI डेवलपमेंट में निष्पक्षता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों को अपनाने और टेक्नोलॉजी की नैतिक और न्यायसंगत तरीके से इस्तेमाल करना पर जोर होगा।
IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी कामाकोटी ने कहा, “AI इंजीनियरिंग, साइंस और ह्यूमैनिटी विषयों में विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए इन मल्टी डिसिप्लिनरी संबंधों को समझना बेहद जरूरी है। AI और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक इस पहलू को समझने के लिए खासतौर से तैयार है। ये दुनिया में अपनी तरह का पहला केस है। कोर्स हमारे फैकल्टी की ओर से एक दशक से ज्यादा समय के अनुभव के आधार पर डेवलप किया गया है। इसके जरिए, IITM टॉप के AI प्रोफेशनल, एंटरप्रेन्योर और रिसर्चर तैयार करने की इच्छा रखता है, जो उभरते मार्केट में बड़ी AI चुनौतियों का बड़े ही आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकते हैं।”