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UP में लोगों को अब मिलेगी सस्ती बिजली! 18,000 करोड़ रुपये की लागत से लगेंगे दो थर्मल पावर प्लांट

Thermal Power Projects in UP: एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में मंगलवार को लोकभवन में योगी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सोनभद्र के ओबरा में लगभग 18 हजार करोड़ की लागत से 800-800 मेगावॉट की दो थर्मल परियोजनाओं 'ओबरा डी' को मंजूरी प्रदान की गई

Akhileshअपडेटेड Jul 11, 2023 पर 6:22 PM
UP में लोगों को अब मिलेगी सस्ती बिजली! 18,000 करोड़ रुपये की लागत से लगेंगे दो थर्मल पावर प्लांट
Thermal Power Projects in UP: सीएम योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई

Thermal Power Projects in UP: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में लोगों को सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सोनभद्र जिले के ओबरा में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800-800 मेगावॉट की दो थर्मल पावर प्लांट परियोजनाओं 'ओबरा डी (Obra D)' को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य के लोगों को सस्ती बिजली मुहैया करना है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'ओबरा डी' थर्मल पावर प्लांट को मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि राज्य में अभी तक इस तरह की परियोजना अस्तित्व में नहीं रही है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में मंगलवार को लोकभवन में योगी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सोनभद्र के ओबरा में लगभग 18 हजार करोड़ की लागत से 800-800 मेगावॉट की दो थर्मल परियोजनाओं 'ओबरा डी' को मंजूरी प्रदान की गई।

राज्य की पहली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट होगी

बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली बिजली जनरेटर NTPC के साथ 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी में पूरा किया जाएगा। इसमें 30 प्रतिशत की इक्विटी दी जाएगी, जबकि 70 प्रतिशत राशि का प्रबंध वित्तीय संस्थानों से किया जाएगा। खास बात यह होगी कि यह राज्य की पहली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट होगी। ऐसा संयंत्र अबतक प्रदेश में नहीं बना है। इस तरह के संयंत्र की प्रौद्योगिकी आधुनिक होती है और इनकी दक्षता काफी ज्यादा होती है तथा कोयले का उपभोग भी काफी कम होता है। इसके चलते लागत में भी कमी आती है।

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