केंद्र को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने ED डायरेक्टर संजय मिश्रा के सेवा विस्तार को बताया 'अवैध', कार्यकाल घटाया

ED Director: सुप्रीम कोर्ट ने संजय मिश्रा के ED निदेशक के तौर पर कार्यकाल को घटा दिया है। अब संजय मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई 2023 तक रहेगा। पहले संजय मिश्रा 18 नवंबर को रिटायर होने वाले थे। केंद्र ने तीसरी बार उनका कार्यकाल बढ़ाया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा 31 जुलाई तक आपके पास नए निदेशक की नियुक्ति के लिए पर्याप्त समय है

अपडेटेड Jul 11, 2023 पर 3:11 PM
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ED निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल बढाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया

केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है  प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा (ED Director Sanjay Kumar Mishra) का कार्यकाल विस्तार अवैध है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 31 जुलाई 2023 तक ही इस पद पर बने रहेंगे। उसके बाद केंद्र को नए डायरेक्टर की तलाश करनी होगी। बता दें कि कार्यकाल विस्तार के बाद संजय मिश्रा इस साल नवंबर तक इस पद पर रहने वाले थे। पिछले कुछ सालों से लगातार सेवा विस्तार पर थे। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी।

ED निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल बढाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। 8 मई को ED निदेशक का कार्यकाल बढाने को चुनौती देने वाली 11  याचिकाओं पर शीर्ष अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।

कार्यकाल घटाया


सुप्रीम कोर्ट ने संजय मिश्रा के ED निदेशक के तौर पर कार्यकाल को घटा दिया है। अब संजय मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई 2023 तक रहेगा। पहले संजय मिश्रा 18 नवंबर को रिटायर होने वाले थे। केंद्र ने तीसरी बार उनका कार्यकाल बढ़ाया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा 31 जुलाई तक आपके पास नए निदेशक की नियुक्ति के लिए पर्याप्त समय है।

केंद्र पर नहीं किया भरोसा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया था कि नवंबर 2023 यानी तीसरे सेवा विस्तार की अवधि पूरी होने के बाद कोई नया विस्तार नहीं दिया जाएगा, क्योंकि सरकार कानून से परे नहीं जाएगी। केंद्र ने मिश्रा को दिए सेवा विस्तार को उचित ठहराते हुए दलील दी थी कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स फैट की वजह से स्थाई अधिकारी की आवश्यकता थी। इसलिए उनको तीसरा सेवा विस्तार देना पड़ा।

लेकिन शीर्ष अदालत ने अपनी सुनवाई के दौरान कहा कि कि दो बार तो ईडी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाया जाना वैध माना जा सकता है, लेकिन तीसरी बार कार्यकाल बढ़ाना उचित नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने CVC और DSPE एक्ट में किए गए संसोधन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। इन संसोधन के जरिये CBI और ED निदेशक का कार्यकाल 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

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बता दें कि इससे पहले भी केंद्र की ओर से ईडी निदेशक का कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है। केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में अध्यादेश के जरिए ED और CBI प्रमुखों का कार्यकाल 5 साल तक रहने की व्यवस्था बनाई है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, जया ठाकुर, TMC नेता महुआ मोइत्रा, साकेत गोखले आदि ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है।

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