Bharti Airtel News: टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल अपने स्ट्रीमिंग म्यूजिक सर्विसेज विंक म्यूजिक (Wynk Music) को बंद करेगी। यह दस साल पहले लॉन्च हुआ था और अब बंद होने जा रहा है। हालांकि एंप्लॉयीज को इसका झटका नहीं लगेगा क्योंकि कंपनी के प्रवक्ता ने 27 अगस्त को मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि इसके सभी एंप्लॉयीज को एयरटेल इकोसिस्टम में ही रखा जाएगा। कंपनी के प्रवक्ता ने यह ऐलान एपल इंक (Apple Inc) के साथ सौदे के बाद किया। दोनों के बीच भारतीय यूजर्स को एपल के ओटीटी वीडियो और म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विसेज एपल टीवी+ और एपल म्यूजिक के लिए एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए सौदा हुआ है। एयरटेल के प्रवक्ता ने कहा कि एयरटेल यूजर्स को एपल म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा। साथ ही विंक के प्रीमियम यूजर्स को इसका एक्स्क्लूसिव ऑफर मिलेगा।
2014 में लॉन्च हुई थी Airtel की Wynk
एयरटेल की स्ट्रीमिंग सर्विस विंक म्यूजिक करीब 10 साल पहले वर्ष 2014 में लॉन्च हुई थी। इसके जरिए यूजर्स ऑफलाइन सुनने के लिए संगीत डाउनलोड कर सकते हैं, कॉलर ट्यून सेट कर सकते हैं, पॉडकास्ट सुन सकते हैं। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में म्यूजिक स्ट्रीम कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई फीचर्स हैं। अब मनीकंट्रोल को सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि बिना किसी स्पष्ट मोनेटाइजेशन प्लान के इसे चालू रखना कॉमर्शियल तौर पर कंपनी को सही नहीं लग रहा। सूत्र ने कहा कि भारत में म्यूजिक स्ट्रीमिंग मोनेटाइजेशन पहले से ही कम है। इसके अलावा एयरटेल इसे लेकर और बेहतर सर्विस देना चाहती है जिसमें एपल वैश्विक स्तर पर दिग्गज प्लेयर है। ऐसे में एपल के साथ डील की गई है।
इस साल के आखिरी तक उपलब्ध होंगे Apple Music और Apple TV+
एयरटेल ने 27 अगस्त को एपल के साथ साझेदारी का ऐलान किया। इसके तहत एयरटेल एक्स्ट्रीम यूजर्स को इसकी ओटीटी वीडियो और म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विसेज एपल टीवी+ और एपल म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा। इस साल के आखिरी तक उपलब्ध हो जाएगा। इस सौदे से यूजर्स को यह फायदा है कि एपल जिन कीमतों पर ये सर्विसेज देगी, उससे काफी कम में ही एयरटेल मुहैया करा देगी।
क्या है ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की चुनौतियां
मार्च 2024 में आई EY-FICCI रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स के करीब 18.5 करोड़ एक्टिव यूजर्स थे। हालांकि सिर्फ 75 लाख के करीब यानी महज 4 फीसदी ही यूजर्स ने सब्सक्रिप्शन लिया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक पेड सब्सक्राइबर्स का बेस बढ़ाना काफी चुनौती भरा है क्योंकि सभी म्यूजिक यूट्यूब पर फ्री में मिल रहे हैं। इसके अलावा कार और मोबाइल फोन पर एफएम रेडियो भी है। साथ ही कई और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर भी फ्री में मिल जा रहा है। ऐसे में ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल उठते हैं।