पिछले साल रिलीज हुई बिग बजट फिल्म पोन्नियिन सेलवन पार्ट 1 (PS-1) से फिल्मी ऑडियंस को अच्छी कहानी, सिनेमैटोग्राफी, म्यूजिक और डायरेक्शन से मंत्रमुग्ध करने के बाद, मणिरत्नम हाजिर हो चुके हैं इसका दूसरा पार्ट लेकर। पोन्नियिन सेलवन पार्ट 2 (PS-2) सिनेमा घरों में दस्तक दे चुकी है। आइये जानते हैं कि दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य की कहानी को बयान करता मणिरत्नम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट आखिर ऑडियंस को कितना पसंद आ सकता है।
PS-2 की कहानी से वे लोग ज्यादा बेहतर तरीके से कनेक्ट कर पाएंगे जिन्होंने इस फिल्म का पहला पार्ट देखा होगा। हालांकि पहले पार्ट और दूसरे पार्ट के साथ एक सबसे अहम बात ये है कि अगर आपको चोल साम्राज्य के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है तो हो सकता है आपको यह फिल्म समझने में थोड़ी सी परेशानी हो। पीएस 2 की कहानी वहां से शुरू नहीं होती है जहां से इसके पहले पार्ट की कहानी खत्म हुई थी। बल्कि पार्ट 2 में नंदिनी और अदिता करिकलन की स्टोरी को डिटेलिंग दी गई है। फिल्म में चोल साम्राज्य के सिंहासन के लिए नंदिनी की लड़ाई और आदिथा के साथ उसकी लाइफ हिस्ट्री को काफी जगह दी गई है। फिल्म देखते वक्त कुछ देर तक आप ये भूल जाएंगे कि आखिर ये कहानी पोन्नियिन सेलवन यानी चोल साम्राज्य के नायक अरुणमोझी के बारे में है।
क्या जिंदा है पोन्नियिन सेलवन
पहले पार्ट के क्लाइमैक्स में दिखाया गया था कि अरुणमोझी समुद्र में डूब जाते हैं और राज्य में उनके मृत्यु की खबर आग की तरह फैल जाती है। हालांकि दूसरे पार्ट के ट्रेलर में यह दिखाया गया है कि वे अभी जीवित हैं और चोल राज को बचाने के लिए युद्ध की तैयारी कर रह हैं। चोल साम्राज्य की राजकुमारी कुंदवई उर्फ इलया पिरट्टियार उनका साथ दे रही हैं जबकि उनका भाई आदिथा करिकलन लड़ाई के सिलसिले में राज्य से बाहर है।
फिल्म में दिखती है बदले और रिश्तों की कहानी
पोन्नियिन सेलवन 2 में मणिरत्नम ने रिश्तों और नंदिनी के बदले की कहानी को काफी ज्यादा कलात्मक ढंग से ऑडियंस के सामने परोसा है। फिल्म में अदिता के खिलाफ नंदिनी की दुश्मनी के पीछे के मकसद और सिंहासन के फैसलों पर उसके प्रभाव के बारे में डिटेल से बताने की कोशिश की गई है। हालांकि फिल्म के क्लाइमैक्स में फिल्म का असर थोड़ा सा फीका होता भी नजर आता है।
खूबसूरत है फिल्म की सिनेमैटोग्राफी
पहले पार्ट की तरह से ही इस फिल्म की जान भी इसकी सिनेमैटोग्राफी और पिक्चराइजेशन में बसती है। हालांकि इस बार इससे भी ज्यादा अगर फिल्म में आपकी निगाहें कहीं पर हमेशा के ठहर जाती है तो वो हैं एश्वर्या राय, जिन्होंने फिल्म में नंदिनी का किरदार निभाया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि इस फिल्म को देखने के बाद आप इसे ऐश्वर्या राय की फिल्म भी कह सकते हैं। एश्वर्या ने अपनी एक्टिंग से इस फिल्म को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया है।
निश्चित तौर पर सभी कलाकारों ने इस फिल्म में गजब की ऐक्टिंग की है। फिर चाहे वो आदिथा करिकलन का किरदार निभा रहे विक्रम हों या पिर चोल साम्राज्य की राजकुमारी का किरदार निभा रही त्रिशा कृष्णन। फिल्म में कलाकारों की एक लंबी फौज है और सभी ने इस फिल्म को शानदार ऐक्टिंग से सजाया है। कार्थी इस फिल्म के सेंटर प्वाइंट में हैं। वहीं ए आर रहमान का म्यूजिक इस फिल्म को एक अलग ही फील देता है।
देखें या ना देंखें यह फिल्म
पीएस 2 को लेकर यह कहना होगा कि ऐसी फिल्में कभी कभार ही बन पाती हैं। अगर आपने इसका पहला पार्ट देखा है तो यह फिल्म जरूर देखना चाहिए। अगर पहला पार्ट नहीं देखा है तो उसे देख कर आप इस फिल्म को देखें। वैसे यह फिल्म मोबाइल या फिर लैपटॉप की छोटी स्क्रीन पर देखने के लिए नहीं बनी है इसे सिनेमाघरों में ही देखा जाना चाहिए।