Zakir Hussain Death: मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन की खबर, राहुल गांधी ने जताया शोक, सैन फ्रांसिस्को में चल रहा था इलाज

Zakir Hussain Death: प्रसिद्ध तबला वादक और संगीतकार उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर रविवार (15 दिसंबर) रात को आई। 73 वर्षीय जाकिर हुसैन को हार्ट संबंधी समस्याओं के बाद अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था। जाकिर हुसैन की मौत की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध और दुखी कर दिया है

अपडेटेड Dec 15, 2024 पर 11:17 PM
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Zakir Hussain Death: तबला वादक और संगीतकार उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन हो गया है

Zakir Hussain Death: मशहूर तबला वादक और संगीतकार उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर सामने आई है। उनका अमेरिका में इलाज चल रहा था। खबरों की मानें तो उन्होंने रविवार (15 दिसंबर) को 73 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। जाकिर हुसैन को हार्ट संबंधी समस्याओं के बाद अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने हुसैन के एक करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि 73 वर्षीय दिग्गज अमेरिकी संगीतकार को ब्लड प्रेशर की समस्या थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। हालांकि, उनके परिवार या अस्पताल की तरफ से इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन पर शोक जताया है। इसके अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X किया, "महान तबला वादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन जी के निधन का समाचार बेहद दुखद है।  उनका जाना संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। उस्ताद ज़ाकिर हुसैन जी अपनी कला की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो हमेशा हमारी यादों में जीवित रहेगी।

महान तबला वादक अल्लाह रक्खा के सबसे बड़े बेटे जाकिर हुसैन ने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए भारत और दुनिया भर में एक अलग पहचान बनाई है। हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे। भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था।


जाकिर हुसैन भारत ही नहीं बल्कि एक विश्व स्तर के तबला कलाकार हैं। उन्हें वाद्ययंत्र पर उनकी बेजोड़ महारत और भारतीय शास्त्रीय एवं विश्व संगीत में अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है। 1951 में उस्ताद अल्लाह रक्खा के घर जन्मे जाकिर एक प्रतिभाशाली बालक थे जिन्होंने सात साल की उम्र में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। दशकों से उनकी प्रतिभा ने तबले को अभूतपूर्व वैश्विक पहचान दिलाई है।

जाकिर हुसैन की मौत की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध और दुखी कर दिया है। कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने अपने X हैंडल पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "उस्ताद जाकिर हुसैन की तबला वादन की असाधारण महारत ने संगीत की दुनिया में एक कालातीत विरासत बनाई है। उनके परिवार, दोस्तों और उन अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनकी लय हमेशा हमारे दिलों में गूंजती रहेगी।"

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जाकिर हुसैन ने अभिनेता भी थे। उन्होंने कम से कम एक दर्जन फिल्मों में काम किया था। हुसैन ने दिग्गज अभिनेता शशि कपूर के साथ साल 1983 में आई ब्रिटिश फिल्म 'हीट एंड डस्ट' में काम किया था। यह उनके अभिनय की डेब्यू फिल्म थी। इसके अलावा वह साल 1998 में आई फिल्म 'साज' में नजर आए थे। इस फिल्म में जानी मानी एक्ट्रेस शबाना आजमी ने उनकी प्रेमिका का रोल प्ले किया था।

बताया जाता है कि जाकिर हुसैन को मशहूर फिल्म 'मुगल ए आजम' (1960) में सलीम के छोटे भाई का रोल भी ऑफर हुआ था। हालांकि, उनके पिता को उस वक्त यह मंजूर नहीं था। उन्होंने इसका विरोध किया, क्योंकि वे चाहते थे कि उनका बेटा संगीत पर ही ध्यान केंद्रीय करे।

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