फॉर्मूला ई केस में तेलंगाना के पूर्व मंत्री केटी रामाराव को एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट का समन

केंद्रीय जांच एजेंसी एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने फरवरी 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई रेस में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में भारत राष्ट्र समिति के नेता केटी रामा राव और कुछ अन्य लोगों को समन जारी किया है। जांच एजेंसी ने राव और अन्य लोगों को अगले महीने पेश होने के लिए कहा है। ईडी ने रामा राव को 7 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है, जबकि नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग के पूर्व प्रधान सचिव अरविंद कुमार को 2 जनवरी और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर बीएलएन रेड्डी को 3 जनवरी को पेश होने के लिए कहा है

अपडेटेड Dec 28, 2024 पर 3:26 PM
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जांच एजेंसी ने राव और अन्य लोगों को अगले महीने पेश होने के लिए कहा है।

केंद्रीय जांच एजेंसी एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने फरवरी 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई रेस में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में भारत राष्ट्र समिति के नेता केटी रामा राव और कुछ अन्य लोगों को समन जारी किया है। जांच एजेंसी ने राव और अन्य लोगों को अगले महीने पेश होने के लिए कहा है। ईडी ने रामा राव को 7 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है, जबकि नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग के पूर्व प्रधान सचिव अरविंद कुमार को 2 जनवरी और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर बीएलएन रेड्डी को 3 जनवरी को पेश होने के लिए कहा है।

जांच एजेंसी ने एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक शिकायत का संज्ञान लेने के बाद पिछले हफ्ते प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की अलग-अलग धाराओं के तहत ईसीआईआर या एफआईआर दर्ज की। ईडी यह भी जांच कर रहा कि क्या विदेशी कंपनी फॉर्मूला-ई के ऑर्गनाइजर्स को 45 करोड़ रुपये के ट्रांसफर में किसी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन हुआ था।

इसी बीच, केटी रामा राव ने अपने खिलाफ ACB की एफआईआर रद्द करने के लिए याचिका दायर करने की थी, जिसके बाद तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में ACB को 30 दिसंबर तक उन्हें अरेस्ट नहीं करने का निर्देश दिया।


क्या है मामला?

फॉर्मूला-ई रेस के आयोजकों के साथ मिलीभगत के मामले में केटीआर के नाम से मशहूर केटी रामा राव के खिलाफ जांच की गई थी। एफआईआर के मुताबिक, ACB ने यह भी आरोप लगाया है कि एचएमडीए ने रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हुए FOE को दो किस्तों में 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया। रिजर्व बैंक ने लेनदेन के लिए केसीआर की अध्यक्षता वाली तेलंगाना सरकार पर 8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एफआईआर में कहा गया है कि पिछले साल के आखिर में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने जुर्माना भरा था।

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