रिपोर्ट - शंकर आनंद
रिपोर्ट - शंकर आनंद
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली हेडक्वार्टर (Delhi Headquarter) में नए गिरफ्तार आरोपियों को रखने के लिए जगह नहीं बची है, क्योंकि एजेंसी के सभी लॉकअप (LockUp) फुल हो गए हैं। इतना ही नहीं, अब नए आरोपियों को हिरासत में रख कर पूछताछ करने के लिए लॉकअप (Lock Up) के खाली होने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, ED के सूत्रों की अगर मानें, तो संभावना जताई जा रही है की गुरुवार शाम तक एक लॉक अप में शुक्रवार से आरोपियों को रखने के लिए जगह खाली हो सकती है।
राजनीतिक गलियारों में गुरुवार को एक खबर काफी चर्चा में थी कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी और BRS MLC के. कविता को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि, अटकलों पर विराम लगाते हुए के. कविता ने खुद से 16 मार्च को पूछताछ में हिस्सा लेने से मना कर दिया और अपने वकील को कुछ डॉक्यूमेंट के साथ ED मुख्यालय भेज दिया।
इस बीच ये चर्चा चल रही थी कि अगर कविता की गिरफ्तारी होती है, तो उन्हें कहां रखा जाता? क्योंकि हेडक्वार्टर के चारों लॉकअप फुल हो चुके हैं। जिनकी अगले हफ्ते खाली होने की संभावना है।
देश की सबसे बड़ी एजेंसी बनी ED
जांच एजेंसी ED की तरफ से लगभग रोजाना देश भर में कई कार्रवाई होते ही रहती हैं, क्योंकि पिछले कुछ सालों के दौरान ED की तफ्तीश और उसके बाद छापेमारी समेत आरोपियों की गिरफ्तारी, हिरासत में पूछताछ के मामले में कई गुना तेजी देखने को मिल रही है।
इसी बात के मद्देनजर पिछले साल ED मुख्यालय का पता बदला गया था। दिल्ली की खान मार्केट वाली बिल्डिंग को छोड़कर ED का मुख्यालय जनपथ की एक नई ब्लिडिंग में शिफ्ट किया गया था। इस नई बिल्डिंग में चार लॉकअप बनाए गए थे, जिसमें हिरासत में लिए गए आरोपियों को रखा जाता है और फिर दिन में उनसे पूछताछ की जाती है।
आज के ताजा हालात की अगर बात करें, तो ED मुख्यालय के चारों लॉकअप फुल हो चुके हैं, जो अगले हफ्ते तक खाली होने और इनमें नए आरोपियों के आने की संभावना बन रही है।
ED के लॉकअप में मौजूद हैं चार बड़े राजनेता
ED हेडक्वार्टर के लॉकअप में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), TMC पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल (Anubrata Mandal), दिल्ली आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार कारोबारी आरोपी अरुण रामचंद्र पिल्लई (Arun Ramachandra Pillai) और इनके अलावा अनुब्रत मंडल का चार्टेड अकाउंटेंट (CA) मनीष कोठारी को भी ED के लॉकअप में रखा गया है। इन सभी आरोपियों को अलग-अलग लॉक अप में रखा गया है, जिससे कि इन लोगों की आपस में कोई बातचीत न हो सके।
यहां एक बात और बता दें कि ED के पुराने दफ्तर में कोई लॉकअप नहीं होता था। लिहाजा दिन भर पूछताछ करने के बाद रात के वक्त आरोपी को स्थानीय तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में रखा जाता था।
उसके बाद सुबह के वक्त उसका मेडिकल टेस्ट करवाने के बाद फिर से वापस ED मुख्यालय में लाकर पूछताछ की जाती थी, लेकिन अब वो पुरानी समस्या नहीं रही है। अब ED के नए हेडक्वार्टर के लॉकअप में ही आरोपियों को रखा जाता है।
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