सड़कों पर बढ़ते वाहनों की भीड़ को खत्म करने के लिए सरकार ने FASTag की शुरुआत की है। इसके लिए सरकार ने इस योजना को अमल में लाने के लिए पूरी तैयारी भी कर ली है। 15 जनवरी से देश के सभी हिस्सों में FASTag अनिवार्य हो जाएगा।
कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि FASTag से हाइवे , टोल प्लाजा में लगने वाली भीड़ से लोगों को छुटकारा मिलेगा। लेकिन जयपुर से दिल्ली, आगरा, सीकर, टोंक या अजमेर नेशनल हाइवे की हालत कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हाइवेज पर कोई न कोई तकनीकी खराबी बनी हुई है। कभी-कभी टोल प्लाजा की मशीन FASTag की चिप रीड नहीं करती। हालात इतने बदतर हैं कि वाहनों को 10-10 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। वाहनों की लंबी कतार के चलते हैंड मशीन से टोलकर्मी वाहनों को निकालते हैं।
लिहाजा क्या क्या आप जानते हैं कि अगर आपके FASTag में पर्याप्त बैलेंस है। टोल प्लाजा की मशीन में तकनीकी खराबी है। जिससे टोल प्लाजा की मशीन आपके FASTag की चिप को नहीं रीड कर पा रही है। ऐसे में आपको बिल्कुल भी पेमेंट नहीं करना है। टोल प्लाजा को बिना पैसे लिए आपकी गाड़ी को छोड़ना पड़ेगा।
लाइव मिंट में छपी खबर के मुताबिक, नेशनल हाइवे के नियमों के तहत अगर वाहनों के FASTag में पर्याप्त बैलेंस है और टोल प्लाजा की मशीन रीड नहीं कर पा रही है या टोल प्लाजा की मशीन में किसी तरह की तकनीकी खामियां हैं तो टोल प्लाजा को आपको वाहन को फ्री में जाने की मंजूरी देनी पड़ेगी। इसके लिए टोल प्लाजा को शून्य रुपये की रसीद काटकर देना होगा।
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