Weather Updates: इस बार जनवरी का महीना खत्म होते ही उत्तर भारत में गर्मी महसूस होने लगी। मौसम विभाग का कहना है कि 122 सालों में इस बार की फरवरी सबसे अधिक गर्म रही। इस दौरान दिन का औसत तापमान सामान्य से 1.73 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे पहले फरवरी में ऐसा तापमान 1901 में रिकॉर्ड किया गया था। जब औसत तापमान सामान्य से 0.81 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था। भारत में इस साल फरवरी में अधिकतम औसत तापमान 29.54 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं औसत न्यूतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा।
भारत में इस बार फरवरी का महीना साल 1901 के बाद से सबसे ज्यादा गर्म महसूस किया गया। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले 3 महीनों में गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी 2022 में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 0.81 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इस महीने न्यूनतम तापमान 16.31 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण 1901 के बाद ये पांचवा सबसे गर्म महीना फरवरी रहा। इससे पहले 2016 की फरवरी में अधिकतम तापमान 29.48 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.82 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े Food and Agricultural Organization (FAO) के आंकड़ों से भी पता चलता है कि फरवरी का महीना लगातार गर्म होता जा रहा है। बता दें कि FAO सालाना आधार पर तापमान में होने वाले बदलाव के आंकड़े जारी करता है। पिछले 5 साल के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी महीने में भारत में औसतन तापमान में 0.99 डिग्री बढ़ा है। जबकि इसके पिछले 5 साल में तापमान में यह औसत बढ़ोतरी 0.64 डिग्री सेल्सिय थी।
आने वाले समय में बढ़ सकती है गर्मी
भारत में मौसम विभाग ने अपने अलर्ट में कहा है कि आने वाली गर्मी में सामान्य से ज्यादा तापमान रह सकता है और भारत के कई हिस्सों में लू चलने की आशंका जताई है। देश के कई हिस्सों में खासतौर पर दक्षिण भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों, पश्चिमी भारत और उत्तर भारत के कई इलाकों में हीटवेव का असर देखा जाएगा।
फरवरी और मार्च में बढ़े तापमान का असर उत्तर और मध्य भारत में गेहूं उत्पादन पर हो सकता है। चने और सरसोंक का उत्पादन घट सकता है। यह कई फसलों के पकने का समय है, जिन पर सामान्य से अधिक तापमान असर डाल सकता है। वहीं बिजली खपत भी तेजी से बढ़ सकती है।