Santhan Death: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में रिहा किए गए दोषी संथन की मौत हो गई है। संथन ने चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में अंतिम सांस ली है। रिहा किए गए सात दोषियों में से एक संथन उर्फ सुथेनथिराजा (Suthenthiraraja) गंभीर रूप से बीमार थे। जिन्हें 1 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। श्रीलंकाई नागरिक एमटी संथन उर्फ टी सुथेंथिरराज को राजीव गांधी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि 2022 में रिहाई के आदेश के बाद उसने घर वापसी की अपील करते हुए एक लेटर भी लिखा था।
नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। संथन को त्रिची सेंट्रल जेल परिसर में एक विशेष शिविर में रखा गया था। संथन की मौत से हत्याकांड की लंबी गाथा का एक और अध्याय बंद हो गया।
संथन लिवर समेत कई बीमारियों से थे परेशान
55 साल के संथन को लिवर संबंधी बीमारियों के चलते जनवरी में भर्ती कराया गया था। संथन अन्य कई बीमारियों से भी पीड़ित थे। संथन को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब सांस फूलने, पेट में पानी भरने और पूरे शरीर में सूजन की समस्या थी। अस्पताल के डीन ई. थेरानिराजन ने कुछ महीने इस बात की जानकारी दी थी। संथन की हालत बेहद गंभीर थी। बता दें कि संथन को मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 11 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर उनकी सजा को कम कर आजीवन कारावास में बदल दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने संथन समेत 5 अन्य लोगों को जेल से रिहा करने के आदेश दिए थे। इसमें इन लोगों ने 32 साल की सजा काटी थी। इन्हें अलग-अलग जेलों से रिहा किया। लेकिन संथन को त्रिची सेंट्रल जेल के स्पेशनल कैंप में रखा गया था। इसकी वजह ये थी कि संथन श्रीलंकाई नागरिक थे। संथन ने अदालत से अपील की थी कि उसे वापस श्रीलंका भेज दिया जाए। वो अपनी मां से मिलना चाहते हैं।