Twitter के पूर्व सीईओ Jack Dorsey ने भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि 2020-21 में किसान आंदोलन को कवर करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत सरकार ने कई बार गुजारिश की थी। उनका यह इंटरव्यू Twitter पर वायरल हो गया है। इसमें डोर्सी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने ट्विटर को उन पत्रकारों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा था जो तब किसान आंदोलन को लेकर सरकार के रुख की आलोचना कर रहे थे। सरकार ने डोर्सी के इन आरोपों को झूठा बताया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इन आरोपों को झूठा बताया है।
चंद्रशेखरन ने ट्विटर पर लगाया कानूनो को नहीं मानने के आरोप
चंद्रशेखर ने कहा है कि ट्विटर पर भारत सरकार के दबाव बनाने के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने एक वीडियो में इस बारे में सफाई पेश की है। यह वीडियो ट्विटर पर वायरल हो गया है। इसमें उन्होंने कहा है कि संभवत: ऐसे आरोपों का मकसद ट्विटर के मुश्किल दौर पर पर्दा डालना रहा होगा। उन्होंने लिखा है कि बतौर ट्विटर सीईओ डोर्सी और उनकी टीम लगातार इंडिया के कानूनों की धज्जियां उड़ा रही थी। सच्चाई यह है कि उन्होंने 2020 से 2022 तक बार-बार इंडिया के नियमों का उल्लंघन किया। जून 2022 में जाकर उन्होंने इंडियन लॉ का पालन करना शुरू किया।
इंडिया में ऑपरेट करने वाली कंपनी को कानूनों का पालन करना होगा
चंद्रशेखर ने कहा कि न तो कोई जेल गया (किसान आंदोलन के दौरान) और न ही इंडिया में ट्विटर को बंद किया गया। डोर्सी के नेतृत्व में ट्विटर को इंडिया के कानूनों को मानने में दिक्कत आ रही थी। वे ऐसा व्यवहार कर रहे थे जैसे मानो इंडिया का कानून उनके ऊपर लागू नहीं होता है। इंडिया एक संप्रभु देश है, जिसके जरिए उसे यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि इंडिया में ऑपरेट करने वाली सभी कंपनियों को इसके कानूनों का पालन करना होगा।
किसान आंदोलन के दौरान झूठी खबरें फैलाई गईं
उन्होंने यह भी कहा है कि जनवरी 2021 में किसान आंदोलन के दौरान कई तरह की गलत जानकारियां फैलाई जा रही थीं। बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही थीं, जो पूरी तरह से अफवाह थीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इस तरह की झूठी खबरों को हटाने की सरकार की जिम्मेदारी थी। ऐसा नहीं करने पर स्थिति बेकाबू हो सकती थी। डोर्सी जब ट्विटर के प्रमुख थे तब ट्विटर के काम करने का यही स्तर था। उन्हें अपने प्लेटफॉर्म से इंडिया के बारे में गलत जानकारियां हटाने में दिक्कत आ रही थी। लेकिन, जब अमेरिका में ऐसी घटनाएं हुईं तो वे खुद अफवाहों को प्लेटफॉर्म से हटाने को मजबूर हुए।
सरकार ने कानून को वापस ले लिया था
नवंबर 2020 में इंडिया ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन शुरू किया था। सरकार के लाख समझाने के बावजूद वे आंदोलन बंद करने को तैयार नहीं थे। इस दौरान आंदोलन को लेकर मीडिया में तरह-तरह की खबरें आ रही थीं। सरकार ने किसानों के प्रतिनिधियों को बातचीत करने के लिए बुलाया। लेकिन, कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका। आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। उसके बाद यह आंदोलन खत्म हो गया।