Fresh KYC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कहना है कि फ्रेश KYC (know your customer) की प्रक्रिया ब्रांच पर जाकर या रिमोट तरीके से वीडियो बेस्ड कस्टमर आईडेंटिफिकेशन प्रोसेस के ज़रिए की सकती है। RBI ने आज 5 जनवरी को यह जानकारी दी। RBI ने आगे कहा कि अगर केवाईसी में कोई बदलाव नहीं होता है तो री-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कस्टमर द्वारा सेल्फ डिक्लेरेशन किया जाना काफी है। केंद्रीय बैंक ने कहा, 'बैंकों को सलाह दी गई है कि वे कस्टमर्स को अलग-अलग नॉन फेस टू फेस चैनलों के माध्यम से इस तरह की सेल्फ-डिक्लेरेशन की फैसिलिटी प्रदान करें।'
कस्टमर्स को हो रही थी दिक्कत
बता दें कई कस्टमर्स को री-केवाईसी के लिए बैंकों द्वारा ब्रांच पर विजिट करने के लिए कहा जा रहा था, जिसे लेकर उन्होंने शिकायत भी की थी। वहीं, कुछ ग्राहकों ने यह भी शिकायत की है कि कई बार ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने के बाद भी बैंकों की वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल री-केवाईसी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।
ऐसे कर सकते हैं दोबारा केवाईसी
आरबीआई ने कहा कि ग्राहक दोबारा केवाईसी करने के लिए रजिस्टर्ड ईमेल आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, एटीएम, डिजिटल चैनल (जैसे ऑनलाइन बैंकिंग/इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल एप्लिकेशन), लेटर्स आदि का इस्तेमाल बैंक के ब्रांच में आए बिना कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर केवल एड्रेस में बदलाव होता है तो ग्राहक इनमें से किसी भी चैनल के माध्यम से एक संशोधित/अपडेटेड एड्रेस प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसके बाद बैंक दो महीने के भीतर आपके एड्रेस का वेरिफिकेशन करेगा।