तेल कंपनियों के लिए मिला-जुला ऐलान, Windfall Tax में भारी कटौती से राहत

Windfall Tax News: तेल कंपनियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब कच्चे तेल पर प्रति टन 6700 रुपये का विंडफाल टैक्स यानी कि स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी लगेगी। पहले यह टैक्स 7100 रुपये प्रति टन था। इसकी अधिसूचना शुक्रवार 1 सितंबर को जारी हुई थी और आज 2 सितंबर से यह प्रभावी भी हो गया है। हालांकि डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया गया है

अपडेटेड Sep 02, 2023 पर 8:38 AM
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डीजल के निर्यात पर विंडफाल टैक्स को बढ़ाकर प्रति लीटर 6 रुपये कर दिया गया है। पहले यह प्रति लीटर 5.50 रुपये पर था। वहीं जेट फ्यूल की ड्यूटी 2 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। (Image- Pixabay)

Windfall Tax News: तेल कंपनियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब कच्चे तेल पर प्रति टन 6700 रुपये का विंडफाल टैक्स यानी कि स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी लगेगी। पहले यह टैक्स 7100 रुपये प्रति टन था। इसकी अधिसूचना शुक्रवार 1 सितंबर को जारी हुई थी और आज 2 सितंबर से यह प्रभावी भी हो गया है। हालांकि डीजल के निर्यात पर विंडफाल टैक्स को बढ़ाकर प्रति लीटर 6 रुपये कर दिया गया है। पहले यह प्रति लीटर 5.50 रुपये पर था। वहीं हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले जेट फ्यूल की ड्यूटी 2 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

दो हफ्ते के तेल की औसत कीमत के आधार पर तय होती है दरें

टैक्स की इन दरों की पिछले दो हफ्ते में तेल की औसत कीमतों के आधार पर समीक्षा की जाती है। भारत में पहली बार पिछले साल 1 जुलाई को विंडफाल प्रॉफिट टैक्स लगाया गया था। इसे लगाकर यह उन देशों में शामिल हो गया है जहां एनर्जी कंपनियों को सामान्य से अधिक मुनाफे पर टैक्स देना होता है। तेल निकालने वाली कंपनियों को 75 डॉलर प्रति बैरल से अधिक जो भी कीमत मिलती है, उसे विंडफाल प्रॉफिट में रखा जाता है और उस पर विंडफाल टैक्स लगता है। वहीं तेल के निर्यात पर यह टैक्स क्रैक्स या मार्जिन पर लगाया जाता है। यह मार्जिन मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत और लागत के बीच का अंतर है।


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इस टैक्स से वित्त वर्ष 2023 में 40 हजार करोड़ की कमाई

1 जुलाई 2022 से कच्चे तेल के उत्पादन और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के निर्यात पर लगाए गए स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी से सरकार को वित्त वर्ष 2023 में करीब 40,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इस साल मई में सरकार ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण इसे फिर से लागू करने से पहले कच्चे तेल पर विंडफाल टैक्स को शून्य कर दिया था।

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