New GST rates: सरकार ने आज से कई चीजों पर 5% GST लागू कर दिया है। इसकी वजह से हॉस्पिटल, होटल, चेकबुक और दही-लस्सी सहित कई चीजें महंगी हो जाएंगी। इन चीजों पर पहले GST नहीं लगता था। इसके साथ ही 17 जुलाई को सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि 25 किलो तक के दाल, आटा या कोई भी अनाज जो सिंगल पैकिंग में होगी उसे भी प्रीपैकेज्ड या लेबल्ड प्रोडक्ट माना जाएगा। यानि आज से इन पर भी 5% का GST देना होगा।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर दुकानदार 25 किलो के पैक में मैन्युफैक्चर या डिस्ट्रीब्यूटर से कोई सामान लेकर ग्राहकों को बेचता है तो उस पर GST नहीं लगेगा।
CBIC ने GST लागू करने से ठीक एक दिन पहले यह स्पष्टीकरण दिया कि अगर दाल, अनाज जैसी चीजों का सिंगल पैकेट 25 किलो या 25 लीटर से ज्यादा होता है तो उस पर 5% GST नहीं लागू होगा। यानी अगर ग्राहक 25 किलो का पैक खरीदता है तो उसे 5% GST चुकाना होगा लेकिन अगर वह 30 किलो का पैक लेता है तो उसे यह टैक्स नहीं देना होगा।
CBIC ने साफ-साफ कहा है कि अगर कोई अनाज 25 किलो से ज्यादा है और सिंगल पैकिंग में नहीं है तो 5% GST देना होगा। यानि अगर किसी एक 30 किलो के पैक में 10-10 किलो के तीन पैक हैं तो उस पर GST लगेगा।
सरकार की सफाई से ग्राहकों को कुछ तो राहत मिलेगी लेकिन आज से कई चीजों के दाम काफी बढ़ जाएंगे।
- 18 जुलाई से टेट्रा पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5% की दर से GST लगेगा। अभी तक इस पर कोई GST नहीं लगता था।
-अगर आप नया चेकबुक लेते हैं तो उसके चार्ज पर भी 18 जुलाई से 18% GST लगेगा।
- अस्पतालों में 5,000 रुपये (गैर-ICU) से अधिक रेंट वाले पर अब 5% टैक्स देना होगा।
- एटलस सहित मैप और चार्ज पर 12% की दर से जीएसटी लगेगा
- GST काउंसिल ने होटलों के 1000 रुपये प्रति दिन से कम किराए वाले रूम पर 12% GST लगाने का फैसला किया है, अभी तक ये जीएसटी के दायरे से बाहर थे।
- LED लाइट्स, एलईडी लैंप पर लगने वाली जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दी गई है।
- ब्लेड, पेपर कैंची, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच, स्किमर्स और केक-सर्वर्स आदि पर अब 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा, जो अभी तक 12 फीसदी था।
- छुट्टियों में अगर आप रोपवे की सैर करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। काउंसिल ने रोपवे के जरिए यात्रियों और सामनों को लेकर आने-जाने पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी है।
- स्प्लिंट्स और अन्य फ्रैक्चर उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, बॉडी इंप्लाट्स, इंट्राओक्यूलर लेंस, आदि पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है।
- जीएसटी परिषद ने उन ऑपरेटरों के लिए माल ढुलाई के किराए पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया है, जहां ईंधन की लागत को शामिल किया जाता है।
- डिफेंस फोर्सेज के लिए इंपोर्ट की जाने वाली खास वस्तुओं पर IGST से छूट दी गई है।